दिल्ली और मुंबई की हवा में बड़ा अंतर, 26 सितंबर 2026 को प्रदूषण के आंकड़े आए सामने

Kittu Kumari26 September 20262 min read4 viewsNational
दिल्ली और मुंबई की हवा में बड़ा अंतर, 26 सितंबर 2026 को प्रदूषण के आंकड़े आए सामने

26 सितंबर 2026 को दिल्ली और मुंबई में हवा की गुणवत्ता अलग-अलग दर्ज की गई है। अधिकारी बढ़ते प्रदूषण स्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस खबर में जानिए दोनों शहरों के ताजा आंकड़े और प्रदूषण से जुड़ी अन्य अहम बातें।

  • दिल्ली का एक्यूआई खराब से मध्यम श्रेणी में रहा।
  • मुंबई में हवा की गुणवत्ता मध्यम दर्ज की गई।
  • एनसीएपी के तहत 130 शहर शामिल हैं।

दिल्ली में हवा की स्थिति

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दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 'खराब' और 'मध्यम' श्रेणी के बीच ऊपर-नीचे होता रहा। एनडीटीवी के अनुसार एक्यूआई 102 से 104 और आजतक के अनुसार 130 दर्ज किया गया। राजधानी में मुख्य प्रदूषक कणों में PM10 का स्तर 74.79 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM2.5 का स्तर 92.77 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार, एक्यूआई 19 सितंबर को 118 से बढ़कर 22 सितंबर को 178 हो गया था। इसके अलावा 25 सितंबर को पड़ोसी शहरों जैसे फरीदाबाद में 108, गुरुग्राम में 133, गाजियाबाद में 115, ग्रेटर नोएडा में 122 और नोएडा में 118 एक्यूआई दर्ज किया गया और ये सभी शहर 100 के आंकड़े को पार कर गए।

मुंबई में हवा की स्थिति

इसके विपरीत मुंबई में आज हवा की गुणवत्ता मध्यम दर्ज की गई। एनडीटीवी के अनुसार एक्यूआई 58, आईक्यूएयर के अनुसार 69 और आजतक के माध्यम से 74 दर्ज किया गया। शहर में मुख्य प्रदूषक कणों में PM2.5 का स्तर 17 से 53.46 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 29.21 से 73 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच रहा।

सरकारी नीतियां और अन्य जानकारियां

अधिकारी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP पर भरोसा बनाए हुए हैं जो 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच मौसमी प्रतिबंध लागू करता है, हालांकि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया है। राष्ट्रीय स्तर पर, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम यानी NCAP के तहत 130 शहर आते हैं, जिनमें से 108 शहरों ने 2017-18 की तुलना में 2025-26 के वित्तीय वर्ष के दौरान वार्षिक PM10 सांद्रता में कमी दर्ज की है। इस बारे में अधिक जानकारी PIB Press Release पर उपलब्ध है।

नई पहलों में MRS टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित 'फिल्टर क्यूब' डिवाइस शामिल है, जिसे दिल्ली सरकार और आज तक के अभियान के माध्यम से पेश किया गया था। 25 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोध में भारत की आर्थिक वृद्धि और कोयले से चलने वाली बिजली पर निर्भरता को सल्फर डाइऑक्साइड और PM2.5 के बढ़ते स्तर से जोड़ा गया है। इसके अलावा, क्लाइमेट वीक न्यूयॉर्क के दौरान इन्फेक्शन कंट्रोल एकेडमी ऑफ इंडिया के डॉ. रंगा रेड्डी बुर्दी ने बताया कि घरेलू वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बना हुआ है, जिसके कारण सालाना तीस लाख से अधिक समय से पहले मौतें होती हैं। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण अगले तीन दिनों में दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश से अस्थायी राहत मिल सकती है।

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