दिल्ली से दो दिन पहले विदा हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून, जानिए इस साल कितनी हुई बारिश

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक तौर पर बुधवार, 23 सितंबर 2026 को दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की घोषणा कर दी है। 1971-2019 के दीर्घकालिक आंकड़ों के आधार पर सामान्य वापसी की तारीख 25 सितंबर थी, जिससे यह वापसी दो दिन पहले हुई है। यह 2002 के बाद से राजधानी से मानसून की सबसे शुरुआती वापसी है, जब बारिश 20 सितंबर को लौटी थी। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 1961 के बाद से सबसे शुरुआती वापसी 3 सितंबर 1982 को हुई थी, जबकि सबसे देरी से वापसी 17 सितंबर 2013 को हुई थी (IMD Monsoon Information)। इस साल मानसून का सीजन 83 दिनों का रहा, जो 2012 के बाद से सबसे कम अवधि है।
इस सीजन में हुई सामान्य से अधिक बारिश
शुरुआती वापसी के बावजूद, सफदरजंग वेधशाला ने 1 जून से 23 सितंबर के बीच 728.6 मिमी बारिश दर्ज की, जो 629.7 मिमी के सामान्य स्तर से 16 प्रतिशत अधिक है। इस साल मानसून की शुरुआत 2 जुलाई को हुई थी, जो सामान्य 27 जून की शुरुआत से पांच दिन बाद थी। पश्चिम राजस्थान से वापसी 19 सितंबर को शुरू हुई थी, और अब मानसून पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी हट चुका है। आईएमडी के अनुसार, आधिकारिक वापसी की प्रक्रिया में लगातार पांच दिनों तक बारिश बंद होना, निचले-क्षोभमंडल में प्रतिचक्रवात की स्थापना और नमी के स्तर में महत्वपूर्ण कमी शामिल है।
आगे का मौसम और राष्ट्रीय स्थिति
उत्तर पश्चिमी भारत में शुष्क मौसम रहने की उम्मीद है, वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी नोट किया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक गहरा डिप्रेशन 26 और 27 सितंबर के आसपास राष्ट्रीय राजधानी में स्थानीय बारिश ला सकता है। विशेष रूप से, दिल्ली में surplus यानी अधिक बारिश देखी गई, जबकि 22 सितंबर 2026 तक पूरे भारत में मानसून की बारिश में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी।