ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल पड़ेगा भारी, दिल्ली पुलिस ने कड़ा किया शिकंजा

दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। शहर में बढ़ते सड़क हादसों और ड्राइवरों की लापरवाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने निगरानी तेज कर दी है। अब केवल चालान ही नहीं, बल्कि AI-संचालित कैमरों और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए उन ड्राइवरों को पकड़ा जा रहा है जो सड़क पर चलते हुए सोशल मीडिया या वीडियो में व्यस्त रहते हैं।
अक्सर देखा गया है कि निजी कारों, कैब्स, ऑटो और ट्रकों के चालक साफ सड़क होने के बावजूद अचानक धीमे हो जाते हैं या रुक जाते हैं, क्योंकि उनका ध्यान सड़क के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर होता है। इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन के अध्यक्ष रोहित बलुजा ने इसे मोबाइल की लत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन चलाते समय हाथ में मोबाइल पकड़ना कानूनन अपराध है और यह सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
जुर्माने की नई दरें और सख्त कानून
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 184 के तहत मोबाइल फोन का उपयोग 'लापरवाह ड्राइविंग' की श्रेणी में आता है। इसके अलावा, धारा 177 के तहत सामान्य सुरक्षा उल्लंघनों के लिए भी जुर्माना लगाया जाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 2019 में किए गए संशोधनों के अनुसार, मोबाइल का उपयोग केवल नेविगेशन के लिए किया जा सकता है, बशर्ते वह ड्राइवर का ध्यान न भटकाए। हाथ में फोन पकड़कर गाड़ी चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
दिल्ली में इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है। 5 फरवरी 2026 से लागू नए नियमों के मुताबिक, पहली बार गलती करने पर 5,000 रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
इस बीच, आईपीएस अधिकारी वी.सी. सज्जनार ने जनता से अपील की है कि यदि वे किसी ड्राइवर को हेडफोन या मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए देखें, तो तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें। साथ ही, 15 अक्टूबर 2026 को 'नेशनल डू नॉट डिस्टर्ब व्हाइल ड्राइविंग डे' के अवसर पर लोगों को स्मार्टफोन के सेफ्टी फीचर्स का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि सफर सुरक्षित रहे।