दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्बैटिंग क्लाइमेट चेंज (MGICCC) में चल रहे सिविल और बिजली के कामों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में नरेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक राज करण खत्री भी मौजूद रहे। यह संस्थान दिल्ली सरकार के तहत एक स्वायत्त संस्थान के रूप में काम करता है।
मंत्री सिरसा ने कहा कि एमजीआईसीसीसी दिल्ली की क्षमता को मजबूत करने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से यह संस्थान पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में योगदान दे रहा है। सरकार का उद्देश्य इस संस्थान को व्यावहारिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए एक मजबूत मंच बनाना है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता, हरियाली का विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
बैठक के दौरान मंत्री ने चल रही परियोजनाओं और सुविधाओं के उन्नयन की प्रगति की समीक्षा की। बहुउद्देशीय हॉल का नवीनीकरण, अप्रोच रोड और रास्तों का निर्माण, और हॉस्टल भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट जैसे मुख्य काम पूरे हो चुके हैं। गेस्ट हाउस का नवीनीकरण अंतिम चरण में है। इसके अलावा, केबल और फीडर पिलर प्रणालियों का उन्नयन, स्ट्रीट लाइट और प्रदर्शनी हॉल का नवीनीकरण भी चल रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्य भवन और संबंधित सुविधाओं के लिए अतिरिक्त मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें सिविल मरम्मत, पेंटिंग, फर्श, सैनिटरी काम, बिजली और यांत्रिक रखरखाव और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का उन्नयन शामिल है। महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्बैटिंग क्लाइमेट चेंज का नामकरण 2009 में किया गया था।