दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने हाल ही में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव आयोग यह काम पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कर रहा है। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का समर्थन किया है और इसे पूरी तरह निष्पक्ष बताया है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और कई संगठनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे थे, जिनका जवाब देते हुए वर्मा ने यह बयान दिया है। अधिक जानकारी के लिए ANI News पर देख सकते हैं।
प्रवेश वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के दस्तावेजों में कमी पाई गई है, उन्हें नोटिस भेजना इस प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है।
नोटिस मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता सूची से किसी का नाम स्वतः ही हटा दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर और मतदाताओं के डेटा की जांच करके की जा रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार, नाम केवल तभी हटाए जाते हैं जब जांच में व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी हो, वह हमेशा के लिए कहीं और चला गया हो या कई कोशिशों के बाद भी न मिल पाया हो।
यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 मई 2026 को समर्थित संवैधानिक ढांचे के तहत ही चलाई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत 31.6 लाख लोगों को नोटिस मिले हैं और 47.6 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रक्रिया से दिल्ली के 54.6% मतदाता प्रभावित हुए हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी शामिल है।
मतदाता 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपने जवाब और दस्तावेज जमा करवा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 नवंबर 2026 को किया जाएगा।