दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा का एसआईआर प्रक्रिया को समर्थन, कहा चुनाव आयोग निष्पक्ष

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव आयोग पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है और मतदाताओं को उनके विवरण या दस्तावेजों में कमियों को लेकर जारी नोटिस पर जवाब देने का अवसर दे रहा है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कई संगठन और विपक्षी दल लगातार एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि जिन लोगों के दस्तावेज या विवरण अधूरे पाए जाते हैं, उन्हें नोटिस जारी करना एक सामान्य प्रक्रिया है।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रक्रिया को चुनौती देने वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है और उस पर सुनवाई होनी है। वर्मा ने कहा कि दिल्ली में आम लोगों और वीवीआईपी दोनों को एसआईआर नोटिस जारी किए गए हैं और जिन्हें लगता है कि उनके नाम इस प्रक्रिया से छूट गए हैं, उन्हें जवाब देने का मौका दिया गया है। जिन लोगों को नोटिस मिला है, वे 30 सितंबर तक अपने जवाब इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को सौंप सकते हैं। इसके बाद 29 अक्टूबर तक उनके जवाबों की जांच की जाएगी और 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने रविवार को स्पष्ट किया था कि चल रहे एसआईआर के दौरान कुछ मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस का मतलब यह नहीं है कि उनके नाम हटा दिए जाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी मतदाता का नाम उसे सुने बिना और उचित आदेश पारित किए बिना नहीं हटाया जा सकता है। प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP), अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, कांग्रेस और उनसे जुड़े गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से अपील की कि वे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों में अविश्वास पैदा न करें और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल न उठाएं। मूल खबर के लिए ANI देखें।