Yamuna O-Zone में नहीं तोड़े जाएंगे घर, विधानसभा में दिल्ली सरकार का बड़ा आश्वासन

दिल्ली के यमुना floodplain O-zone में बने किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाएगा। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान Delhi Minister Kapil Mishra ने यह बयान दिया। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट के मई महीने के आदेश का संबंध केवल नए निर्माण से है, पुराने मकानों से नहीं। इसके अलावा, बीजेपी ने भी साफ किया कि O-zone में किसी भी मौजूदा मकान पर बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा।
AAP विधायक की चिंता और सरकार का जवाब
यह स्पष्टीकरण AAP MLA Sanjeev Jha द्वारा उठाए गए चिंताओं के बीच आया है। Sanjeev Jha ने बुराड़ी, जगतपुर, वज़ीराबाद, करावल नगर, सोनिया विहार और बदरपुर जैसे O-zone इलाकों में जारी तोड़फोड़ का हवाला दिया था। उन्होंने 12 से 15 लाख लोगों के भविष्य पर अनिश्चितता जताते हुए अनधिकृत कॉलोनियों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग की। हालांकि, Minister Mishra ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि O-zone में 30 लाख से ज्यादा घर हैं और उनमें से किसी को भी नहीं गिराया जाएगा। उन्होंने AAP पर MCD और DDA से कार्रवाई उकसाकर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
Yamuna Floodplain और O-Zone का दायरा
दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत यमुना floodplain को O-Zone घोषित किया गया है। यह एक संरक्षित नदी तल या floodplain है जहां अतिरिक्त नदी के पानी को सोखने और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। इस जोन में लगभग 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन से ज्यादा पुराने गांव आते हैं, जिनमें अनुमानित 1.5 मिलियन लोग रहते हैं। इन अनधिकृत कॉलोनियों को दंडात्मक कार्रवाई से मिलने वाली अस्थायी सुरक्षा, जो National Capital Territory of Delhi Laws (Special Provisions) Second Act, 2011 के तहत दी गई है, 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली है।