दिल्ली के मिलन गार्डन में निर्माणाधीन स्लैब गिरा, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन में निर्माणाधीन इमारत की छत गिरने से मची अफरा-तफरी। मलबे में दबे लोगों की तलाश में NDRF जुटी।

राजधानी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में स्थित मिलन गार्डन में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहाँ एक निर्माणाधीन इमारत की छत (स्लैब) अचानक ढह गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुँच गईं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा 25 अक्टूबर की शाम करीब 6:46 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि एक पुरानी एक मंजिला इमारत पर एक और मंजिल बनाने का काम चल रहा था। रविवार को ही पहली मंजिल की लेंटर डाली गई थी। आशंका जताई जा रही है कि पुरानी इमारत इस नए और भारी स्लैब का वजन नहीं सह सकी और पूरी छत नीचे गिर गई। मौके पर मौजूद एक मजदूर ने बताया कि हादसे के वक्त वहां करीब 17 कामगार मौजूद थे। स्थानीय लोगों को अंदेशा है कि मलबे में एक पिता और पुत्र अभी भी दबे हुए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही मुश्किलें और सरकारी कार्रवाई
इस हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दिल्ली फायर सर्विस ने पांच टेंडर भेजे हैं, जबकि NDRF की टीमें डॉग स्क्वाड और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की खाक छान रही हैं। हालांकि, एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया कि इलाका काफी घना होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नुकसान का सही अंदाजा लगाने में समय लग रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और मंत्री कपिल मिश्रा ने भी मौके का दौरा किया। मंत्री आशीष सूद ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे वह नगर निगम का कर्मचारी हो या राज्य सरकार का, दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कपिल मिश्रा ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी एजेंसियां लापता लोगों को खोजने में जुटी हैं।