स्मार्ट मोबिलिटी के लिए दिल्ली मेट्रो को मिला 'अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस'
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए 'अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस' जीता है। जानें क्या है खास।

राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है। भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस और एक्सपो में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को 'अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस' से नवाजा गया है। यह सम्मान मेट्रो को 'इनोवेशन और स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस' की श्रेणी में बेहतरीन काम करने के लिए दिया गया है।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने DMRC के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार को सौंपा। यह आयोजन 24 अक्टूबर, 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें शहरी परिवहन के क्षेत्र के दिग्गज और वैश्विक विशेषज्ञ जुटे थे। इस मौके पर ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र, शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंदर सिंह और ओडिशा सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाधी भी मौजूद रहीं।
इन आधुनिक बदलावों ने दिलाई पहचान
DMRC को यह सम्मान उसकी हालिया तकनीकी प्रगति और स्मार्ट सेवाओं के लिए मिला है। मेट्रो ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:
- डिजिटल टिकटिंग सिस्टम: टिकट प्रक्रिया को आसान और पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): ट्रेनों और ट्रैक के प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस (पूर्वानुमानित रखरखाव) के लिए AI का इस्तेमाल, ताकि तकनीकी खराबी को पहले ही रोका जा सके।
- बेहतर कस्टमर रिस्पांस: यात्रियों की समस्याओं के समाधान और प्रतिक्रिया तंत्र को पहले से अधिक प्रभावी बनाना।
दो दिनों तक चले इस कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य शहरी परिवहन क्षेत्र में टिकाऊ विकास और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करना था। दिल्ली मेट्रो की इन उपलब्धियों ने यह साफ कर दिया है कि वह न केवल परिवहन का साधन है, बल्कि तकनीक के मामले में भी दुनिया के लिए एक मिसाल बन रही है।