दिल्ली मेट्रो में स्टेशनों पर पाबंदियों का रिकॉर्ड स्तर, विरोध प्रदर्शनों ने बढ़ाई मुश्किलें

राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए सफर करना अब पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली मेट्रो स्टेशन प्रतिबंध अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। इस दौरान कुल 335 स्टेशनों पर अलग-अलग समय पर पाबंदियां लगाई गईं, जिनमें से करीब 30 प्रतिशत घटनाएं अकेले साल 2026 में देखी गईं। सुरक्षा कारणों, स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों और आतंकी अलर्ट की वजह से स्टेशनों को बंद करने के मामलों में भारी उछाल आया है, जो 2017 में महज 10 थे और 2026 तक बढ़कर 100 हो गए हैं।
सबसे ज्यादा असर सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में देखा गया है। सेंट्रल സെക്രട്ടरिएट, उद्योग भवन और पटेल चौक जैसे स्टेशन सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए गए प्रदर्शनों के कारण मेट्रो सेवाओं में बड़ी बाधाएं आईं। जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने डीएमआरसी (DMRC) से सुरक्षा कारणों और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेशनों पर पाबंदियां लगाने का अनुरोध किया था।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और डीएमआरसी की सफाई
9 अक्टूबर को रात 9 बजे से 57 स्टेशनों को बंद करने की योजना थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस संख्या को घटाकर 45 कर दिया गया। ये पाबंदियां 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक जारी रहीं। इसके अलावा, 12 अक्टूबर को कांग्रेस के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाले मार्च के कारण पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल സെക്രട്ടरिएट और बाराखंबा रोड जैसे छह प्रमुख स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक एंट्री और एग्जिट पर रोक लगाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए और बिना किसी ठोस कारण के बैरिकेड्स नहीं लगाए जाने चाहिए। इस पर जवाब देते हुए 14 अक्टूबर को डीएमआरसी ने एक हलफनामा दाखिल किया। डीएमआरसी ने स्पष्ट किया कि 10 अक्टूबर को 303 में से केवल 45 स्टेशनों (करीब 15%) पर पाबंदियां थीं और बाकी 85% नेटवर्क पूरी तरह चालू था। हालांकि, इस दौरान यात्रियों की संख्या में गिरावट आई, लेकिन किसी भी ट्रेन सेवा को रद्द नहीं किया गया।
डीएमआरसी के चेयरमैन डी. थारा ने कोर्ट के 9 अक्टूबर के निर्देशों का पालन न हो पाने की संभावना पर बिना शर्त माफी मांगी है। वहीं, 16 अक्टूबर 2026 तक सोशल मीडिया पर जारी एडवाइजरी में चेतावनी दी गई कि सीजेपी के आगामी प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा कारणों से कुछ स्टेशनों पर फिर से पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।