दिल्ली मेट्रो में सीट विवाद का खौफनाक अंत: पूर्व IAS और उनके बेटे ने ली शख्स की जान

राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो में एक ऐसा विवाद हुआ जिसने सबको झकझोर कर रख दिया। महज एक सीट के लिए शुरू हुई बहस इतनी हिंसक हो गई कि एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक रिटायर्ड IAS अधिकारी और उनके वकील बेटे को गिरफ्तार किया है।
यह पूरी घटना 8 अक्टूबर 2026 की है, जब मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए आरोपियों के बीच सीनियर सिटीजन के लिए आरक्षित सीट को लेकर विवाद शुरू हुआ। 48 वर्षीय पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा देवी के साथ सफर कर रहे थे। आरोप है कि सीट को लेकर हुए इस झगड़े के दौरान संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ने पवन शर्मा के साथ मारपीट की। उन्हें थप्पड़ मारे गए और बुरी तरह धक्का दिया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
हमले के बाद पवन शर्मा की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चोटें इतनी गहरी थीं कि अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी संजय प्रताप सिंह 1984 बैच के AGMUT कैडर के पूर्व IAS अधिकारी हैं और नोएडा के निवासी हैं। उनका पुराना रिकॉर्ड भी विवादित रहा है; 2015 में सीबीआई ने उन्हें रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, उनका बेटा सिद्धार्थ सिंह सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील हैं।
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादातन हत्या) और धारा 3(5) (समान इरादे से किया गया कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।