दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर विवाद, पूर्व IAS और वकील बेटे ने ली जान; दोनों गिरफ्तार

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर विवाद, पूर्व IAS और वकील बेटे ने ली जान; दोनों गिरफ्तार

राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो में एक मामूली सी बात पर शुरू हुआ झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया। सीनियर सिटीजन सीट को लेकर हुए इस विवाद में 48 वर्षीय पवन शर्मा की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए एक पूर्व IAS अधिकारी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

यह दुखद घटना 8 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5:47 बजे की है। पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा शर्मा के साथ यमुना विहार की ओर जा रहे थे। मेट्रो में सफर के दौरान पवन ने अपनी बुजुर्ग मां के लिए सीनियर सिटीजन सीट सुरक्षित करने की कोशिश की। इसी बात को लेकर वहां मौजूद 65 वर्षीय रिटायर्ड IAS अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके 36 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ सिंह, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं, के साथ उनकी बहस शुरू हो गई।

पवन की मां दुर्गा शर्मा ने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की। पवन को थप्पड़ मारे गए और उन्हें जोर से धक्का दिया गया, जिससे वह गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। जब मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोप है कि संजय प्रताप सिंह ने उन्हें जबरन रोक लिया।

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अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम, परिवार में मातम

मेट्रो प्लेटफॉर्म पर ही पवन शर्मा बेहोश हो गए। उन्हें आनन-फानन में लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पवन अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, उनके पीछे उनकी पत्नी और दो बच्चे (19 साल का बेटा और 15 साल की बेटी) रह गए हैं।

मेडिको-लीगल रिपोर्ट में मृतक के गले के पास छाती पर चोट के निशान, दाहिने गाल पर कई छोटे घाव और दाहिने अंगूठे पर खरोंच पाई गई है। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि आरोपी पूर्व IAS अधिकारी संजय प्रताप सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उन्हें 2015 में सीबीआई ने एक रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

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