दिल्ली मेट्रो में सीनियर सिटीजन सीट पर बवाल: रिटायर्ड IAS और बेटे ने की पिटाई, शख्स की मौत

राजधानी दिल्ली की मेट्रो में सफर के दौरान एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है, जहां महज एक सीट के विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर सीनियर सिटीजन सीट को लेकर हुए झगड़े में एक 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक रिटायर्ड IAS अधिकारी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान पवन शर्मा के रूप में हुई है, जो अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा शर्मा के साथ गुरुग्राम से यमुना विहार जा रहे थे। घटना 8 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजे की है, जब मां-बेटे ने द्वारका सेक्टर 21 से ट्रेन पकड़ी और सीनियर सिटीजन सीट पर बैठे थे। जब ट्रेन सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पहुंची, तब दो व्यक्ति ट्रेन में सवार हुए और उन्होंने पवन व उनकी मां से सीट खाली करने को कहा।
बातचीत से शुरू हुआ विवाद और फिर हुआ हमला
पवन शर्मा की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उन दोनों व्यक्तियों ने उनसे बेहद बदतमीजी से बात की। जब पवन ने इस बात का विरोध किया और कहा कि वे सीट छोड़ देंगे, तभी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बुजुर्ग व्यक्ति ने पवन का कॉलर पकड़ा और उन्हें थप्पड़ मारा। इसी बीच, बुजुर्ग के साथ आए उनके बेटे ने पवन की गर्दन पकड़ी और उनके सीने पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए।
इस हमले के दौरान जब पवन की बुजुर्ग मां बीच-बचाव करने आईं, तो आरोपी बुजुर्ग ने उनके हाथ पकड़ लिए ताकि वे अपने बेटे को बचा न सकें। देखते ही देखते पवन मेट्रो के फर्श पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। शोर मचने पर मेट्रो स्टाफ ने उन्हें स्ट्रेचर की मदद से बाहर निकाला और CATS एम्बुलेंस के जरिए LNJP अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी संजय प्रताप सिंह एक रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं और उनके साथ उनका 36 वर्षीय बेटा सिद्धार्थ सिंह था। मेडिकल रिपोर्ट में पवन के गाल और सीने पर चोटों के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।