दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर विवाद: रिटायर्ड IAS और वकील बेटा गिरफ्तार

राजधानी की रफ्तार के लिए मशहूर दिल्ली मेट्रो एक बार फिर एक खौफनाक घटना की गवाह बनी है। महज एक सीट के विवाद ने ऐसा मोड़ लिया कि एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस मामले में पुलिस ने एक रिटायर्ड IAS अधिकारी और उनके बेटे को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। यह पूरी घटना दिल्ली मेट्रो सीट विवाद के चलते शुरू हुई, जिसने अंततः एक परिवार को उजाड़ दिया।
घटना 8 अक्टूबर 2026 की है। जानकारी के मुताबिक, पवन शर्मा नाम के 48 वर्षीय व्यक्ति का सफर तब तनावपूर्ण हो गया जब मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर चढ़े एक रिटायर्ड IAS अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह के साथ उनका विवाद शुरू हुआ। विवाद की जड़ वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट थी। चश्मदीद और मृतक की मां दुर्गा देवी ने बताया कि इस झगड़ालू माहौल में रिटायर्ड IAS अधिकारी ने पवन शर्मा का कॉलर पकड़ लिया और उन्हें थप्पड़ मारा। इसके बाद उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ने पवन के सीने पर कई बार जोरदार प्रहार किए।
अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें
हमले के दौरान धक्का लगने से पवन शर्मा गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और वे बेहोश हो गए। जब ट्रेन सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पहुंची, तो शाम करीब 5:47 बजे मेट्रो स्टाफ को एक बेहोश व्यक्ति के बारे में सूचना मिली। आनन-फानन में पवन शर्मा को लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संजय प्रताप सिंह नोएडा के सेक्टर 44 के निवासी हैं और उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है; उन्हें 2015 में CBI ने रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था। 11 अक्टूबर को कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।