दिल्ली मेट्रो में सीट को लेकर हुआ विवाद, पूर्व IAS और बेटे ने ली जान

राजधानी की रफ्तार और भीड़भाड़ के बीच दिल्ली मेट्रो में एक ऐसा विवाद हुआ जिसने एक परिवार को उजाड़ दिया। सीनियर सिटीजन के लिए आरक्षित सीट को लेकर शुरू हुई मामूली बहस इतनी बढ़ गई कि एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी और उनके बेटे को गिरफ्तार किया है। दिल्ली मेट्रो सीट विवाद में हुई इस हिंसक झड़प ने यात्रियों को झकझोर कर रख दिया है।
यह पूरी घटना 8 अक्टूबर 2026 की है। जानकारी के मुताबिक, पवन शर्मा नाम के एक व्यक्ति, जो एक प्राइवेट फर्म में क्लर्क थे, मेट्रो में सफर कर रहे थे। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से ट्रेन में 65 वर्षीय संजय प्रताप सिंह और उनके 36 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ सिंह, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं, सवार हुए। मृतक की मां दुर्गा देवी ने बताया कि आरोपियों ने उनसे सीनियर सिटीजन के लिए आरक्षित सीट खाली करने की मांग की थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
बहस बनी हिंसा, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, बहस के दौरान मामला शारीरिक लड़ाई तक पहुंच गया। आरोप है कि पूर्व आईएएस संजय प्रताप सिंह ने पवन शर्मा को थप्पड़ मारा, जबकि उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ने उन्हें जोरदार मुक्के जड़ दिए। इस हमले के बाद पवन शर्मा सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि संघर्ष के दौरान उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
दिल्ली मेट्रो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि आरोपी संजय प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है और दिसंबर 2015 में सीबीआई ने उन्हें एक रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार किया था।
इस घटना के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक बार फिर आरक्षित सीटों के महत्व और नियमों को दोहराया है। DMRC के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने कहा कि संगठन वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और महिलाओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सुगम सफर के लिए कई पहल कर रहा है।