दिल्ली मेट्रो में रिजर्व सीट पर विवाद: रिटायर्ड IAS और वकील बेटे को जेल

राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो में एक मामूली सी बात पर शुरू हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। रिजर्व सीट को लेकर हुए झगड़े में एक 48 वर्षीय शख्स की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने एक रिटायर्ड IAS अधिकारी और उनके वकील बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह पूरी घटना मंडी हाउस और सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशनों के बीच हुई, जिसने यात्रियों को झकझोर कर रख दिया है।
घटना 8 अक्टूबर की शाम करीब 5:47 बजे की है। बताया जा रहा है कि ट्रेन के अंदर रिजर्व सीट को लेकर बहस शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में पवन शर्मा नामक व्यक्ति, जो एक प्राइवेट फर्म में क्लर्क थे, के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उन्हें थप्पड़ मारे गए और धक्का दिया गया। जब उन्हें आनन-फानन में लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता-पुत्र की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 65 वर्षीय रिटायर्ड IAS अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके 36 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ्तार किया है। सिद्धार्थ सिंह सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं। मृतक की 65 वर्षीय मां, दुर्गा देवी, जो उस समय उनके साथ यात्रा कर रही थीं, ने पुलिस को अपना बयान दिया, जिसके आधार पर 9 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई।
दिल्ली मेट्रो पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 3(5) (साझा इरादे से किया गया कार्य) के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि आरोपी संजय प्रताप सिंह 1984 बैच के नौकरशाह रहे हैं और साल 2015 में भी एक रिश्वत मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटों के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। मेट्रो परिसर में अभद्र व्यवहार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाती है और नियमों के उल्लंघन पर 250 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।