CJP विरोध प्रदर्शन: दिल्ली में मेट्रो स्टेशन और स्कूल बंद, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली 10 अक्टूबर को एक बड़े व्यवधान की तैयारी कर रही है। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए जाने वाले नियोजित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक की समस्या का हवाला देते हुए इस सभा की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है।
इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बड़ा फैसला लिया है। 9 अक्टूबर की रात 9:00 बजे से अगले दिन तक कुल 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा जाएगा। हालांकि, इंटरचेंज सुविधाएं चालू रहेंगी, लेकिन नई दिल्ली स्टेशन को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके अलावा, नामो भारत के सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशन भी बंद रहेंगे। भारतीय रेलवे ने भी नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर 10 अक्टूबर को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
स्कूलों की पढ़ाई ऑनलाइन, शराब की दुकानें भी बंद
सुरक्षा और आवाजाही की अनिश्चितता के कारण दिल्ली के कई शिक्षण संस्थानों ने अपने कामकाज में बदलाव किया है। सरदार पटेल विद्यालय ने कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई ऑनलाइन कर दी है और अपने एक्टिविटी वीक को स्थगित कर दिया है। रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने अपनी पेरेंट-टीचर मीटिंग की तारीख बदल दी है, जबकि भारतीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए स्पोर्ट्स प्रैक्टिस और एक्स्ट्रा क्लासेस रद्द कर दी हैं। भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने अपनी मिड-टर्म परीक्षाएं सोमवार तक के लिए टाल दी हैं। इसके अलावा, राजधानी की सभी रिटेल शराब दुकानों को 9 और 10 अक्टूबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो मध्य दिल्ली में 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। इसमें 14 CAPF कंपनियां और रेलवे स्टेशनों पर 334 GRP कर्मी शामिल हैं। जॉइंट सीपी (नई दिल्ली) नूपुर प्रसाद और जॉइंट सीपी (ट्रांसपोर्ट रेंज) रजनीश गुप्ता ने इन प्रतिबंधों की पुष्टि की है। दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके और सह-संयोजक सौरव दास ने आधिकारिक मनाही के बावजूद प्रदर्शन करने का संकल्प लिया है। इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है और मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि ट्रैफिक एडवाइजरी को आम जनता तक व्यापक रूप से पहुँचाया जाए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।