दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की भारी भीड़, DMRC करेगा सिस्टम का कायाकल्प

GRAP के बाद दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। DMRC अब सिस्टम अपग्रेड और नई लाइनों पर काम कर रहा है।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की भारी भीड़, DMRC करेगा सिस्टम का कायाकल्प

राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के बाद दिल्ली मेट्रो राइडरशिप में जबरदस्त उछाल देखा गया है। लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका सीधा असर ट्रेनों की भीड़ पर दिख रहा है। आंकड़ों की बात करें तो 2 नवंबर 2026 को मेट्रो नेटवर्क में करीब 80.5 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले सोमवार के मुकाबले करीब 8.3 लाख ज्यादा है।

बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुविधा को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपनी सेवाओं में विस्तार किया है। अब कार्यदिवसों (weekdays) पर 20 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिससे नेटवर्क पर कुल अतिरिक्त सेवाओं की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। यह कदम न केवल भीड़ कम करने के लिए है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में सहयोग देने के लिए भी उठाया गया है।

सिस्टम अपग्रेड और नई लाइनों की तैयारी

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

सिर्फ ट्रेनों की संख्या ही नहीं, बल्कि DMRC अब मेट्रो के तकनीकी ढांचे को भी आधुनिक बना रहा है। इसके लिए एक ओपन टेंडर जारी किया गया है, जिसके तहत पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पैसेंजर इंफॉर्मेशन और CCTV कैमरों को अपग्रेड किया जाएगा। अब इसमें IP-आधारित तकनीक और LCD डायनेमिक रूट मैप डिस्प्ले लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को सटीक और रियल-टाइम जानकारी मिल सके। इस प्रोजेक्ट के लिए प्री-बिड मीटिंग 12 नवंबर को होगी और बिड जमा करने की आखिरी तारीख 27 नवंबर तय की गई है।

इतना ही नहीं, बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए DMRC दिसंबर 2026 तक 'गोल्डन लाइन' के प्रायोरिटी स्ट्रेच को शुरू करने का लक्ष्य रख रहा है, जो एयरोसिटी को तुगलकाबाद से जोड़ेगा। इसके साथ ही रेड और ब्लू लाइन पर चल रहे 70 पुराने ट्रेन सेटों के मिड-लाइफ मॉडर्नाइजेशन का काम भी तेजी से चल रहा है।

भर्ती प्रक्रिया की बात करें तो, विभिन्न कार्यकारी और गैर-कार्यकारी पदों के लिए आवेदन लेने की समयसीमा 4 नवंबर 2026 को समाप्त हो चुकी है। कुल मिलाकर, दिल्ली मेट्रो अब अपनी क्षमता बढ़ाने और तकनीक को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।

Share:

Comments

Leave a comment