प्रदूषण पर सख्ती का असर: दिल्ली मेट्रो राइडरशिप में 11.5% का उछाल
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए वाहनों पर सख्ती के बाद मेट्रो राइडरशिप में 11.5% का उछाल आया है। जानें डीएमआरसी ने क्या कदम उठाए।

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए लागू किए गए कड़े नियमों का सीधा असर अब सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर दिखने लगा है। जैसे ही वाहनों पर प्रतिबंध लगाए गए, लोगों ने निजी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को चुनना शुरू कर दिया। नतीजा यह रहा कि पहले ही कामकाजी दिन पर दिल्ली मेट्रो राइडरशिप वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें 11.5% की बढ़ोतरी देखी गई है। यात्रियों की यह संख्या अब अपने पिछले रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंच गई है।
दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 324 तक पहुंचने और 'बेहद खराब' श्रेणी में आने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को GRAP के स्टेज-II को लागू कर दिया। इसके साथ ही 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक के लिए एक बड़ा नियम लागू किया गया है, जिसके तहत BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा न करने वाले गैर-दिल्ली पंजीकृत वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बॉर्डर पर सख्ती और मेट्रो में अतिरिक्त ट्रेनें
नियमों की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1 नवंबर को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने बॉर्डर पॉइंट्स पर 14,930 वाहनों की जांच की। इस कार्रवाई के दौरान करीब 10.31% यानी 1,539 वाहनों को वापस लौटाया गया। साथ ही, PUC सर्टिफिकेट न होने और नियमों के उल्लंघन के चलते 68.4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
सड़कों पर सख्ती और निजी वाहनों की पाबंदी के कारण मेट्रो में अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। यात्रियों की सुविधा के लिए मंगलवार, 3 नवंबर 2026 से कार्यदिवसों (weekdays) के शेड्यूल में 20 अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं जोड़ी गई हैं। अब नेटवर्क पर कुल 40 अतिरिक्त दैनिक यात्राएं संचालित की जा रही हैं, ताकि निजी वाहनों से मेट्रो की ओर रुख करने वाले यात्रियों को परेशानी न हो।