दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन पर बनेंगे ट्रिपल इंटरचेंज हब, सफर होगा और भी आसान
दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन अब सबसे लंबी कॉरिडोर होगी। सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट और आजादपुर जैसे स्टेशनों पर मिलेंगे ट्रिपल इंटरचेंज हब।

दिल्ली के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) अपनी मजेंटा लाइन का कायाकल्प करने जा रहा है, जिसके बाद यह पूरे नेटवर्क की सबसे लंबी कॉरिडोर बन जाएगी। इस विस्तार योजना का सबसे खास हिस्सा 'ट्रिपल इंटरचेंज हब' का निर्माण है, जिससे यात्रियों को एक ही स्टेशन पर तीन अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच बदलने की सुविधा मिलेगी।
DMRC के मुताबिक, ये बड़े इंटरचेंज हब सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट, नई दिल्ली, आजादपुर और इंद्रलोक जैसे प्रमुख स्टेशनों पर बनाए जाएंगे। ये सभी स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, जिससे यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। जब यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तब मजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर होगी और इसमें कुल 65 स्टेशन होंगे। यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की ऐसी कॉरिडोर होगी जहां इंटरचेंज की सबसे ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सेंट्रल विस्टा और प्रमुख रूटों पर काम तेज
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। फेज V-A के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ सेक्शन का निर्माण जुलाई 2026 में शुरू हो चुका है, जो सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। वहीं, इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक कॉरिडोर, जिसे पहले फेज IV का हिस्सा माना गया था, अब इसे मजेंटा लाइन विस्तार में शामिल कर लिया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सितंबर 2026 में सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन पर इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ सेक्शन के काम की शुरुआत की थी, जहां वर्तमान में डायफ्राम वॉल का निर्माण कार्य जारी है। प्रोजेक्ट की समयसीमा की बात करें तो कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से आरके आश्रम मार्ग वाला हिस्सा अगले वित्तीय वर्ष में चरणों में खुलेगा। आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ सेक्शन के 2028 तक खुलने की उम्मीद है, जबकि इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक कॉरिडोर उसके बाद के चरणों में शुरू होगा।
DMRC अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से न केवल आम यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि सरकारी दफ्तरों और बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए सफर बेहद सुविधाजनक हो जाएगा।