दिल्ली मेट्रो भारत-जापान साझेदारी की मिसाल, एलजी तरनजीत सिंह सन्धु ने सराहा

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह सन्धु ने दिल्ली मेट्रो को भारत और जापान के बीच गहरे और मजबूत रिश्तों का एक शानदार उदाहरण बताया है। इंडिया टुडे इंडो-जापान कॉन्क्लेव के दौरान बोलते हुए एलजी ने कहा कि दिल्ली मेट्रो सिर्फ आने-जाने का एक साधन नहीं है, बल्कि यह समय की पाबंदी, सुरक्षा, कुशलता और सस्टेनेबिलिटी का एक वैश्विक मॉडल बन चुकी है।
सन्धु ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के शहरी विकास की तस्वीर बदलने में जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और निरंतर वित्तीय सहयोग का बहुत बड़ा हाथ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो की सफलता यह साबित करती है कि अब हमें अलग-अलग बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बजाय तकनीक आधारित एकीकृत शहरी इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
भविष्य के निवेश और स्मार्ट मोबिलिटी पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान भविष्य की संभावनाओं पर बात करते हुए उपराज्यपाल ने विशेष रूप से द्वारका जैसे इलाकों का जिक्र किया, जहां जापानी निवेश और नवाचार (innovation) के लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
कॉन्क्लेव में इस बात पर भी चर्चा हुई कि भारत के तेजी से बढ़ते शहरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अब अगली पीढ़ी के स्मार्ट और टिकाऊ मोबिलिटी समाधानों को विकसित करना अनिवार्य है। दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति दिखी कि अब लक्ष्य ऐसे बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है जो न केवल लचीला हो, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हो।