प्रदूषण का कहर: GRAP-II लागू होते ही दिल्ली मेट्रो ने बढ़ाए फेरे, अब रोजाना चलेंगी 40 अतिरिक्त ट्रेनें

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और GRAP-II लागू होने के बाद DMRC ने यात्रियों की सुविधा के लिए मेट्रो के फेरे बढ़ाए हैं। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Kittu Kumari2 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
प्रदूषण का कहर: GRAP-II लागू होते ही दिल्ली मेट्रो ने बढ़ाए फेरे, अब रोजाना चलेंगी 40 अतिरिक्त ट्रेनें

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और गिरती हवा की गुणवत्ता के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में GRAP-II (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान स्टेज-2) लागू होने के बाद, अब यात्रियों की भीड़ को संभालने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो अतिरिक्त फेरे चलाने जा रही है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 से मेट्रो नेटवर्क पर सप्लीमेंट्री ट्रिप्स की संख्या बढ़ा दी गई है।

दरअसल, सोमवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 के स्तर पर पहुँच गया, जिसे 'बेहद खराब' श्रेणी में रखा गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने स्टेज-II के उपायों को लागू करने का निर्देश दिया था। इसी के जवाब में DMRC ने कार्यदिवसों (Weekdays) पर 20 और अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, जिससे अब कुल मिलाकर रोजाना 40 एक्स्ट्रा ट्रिप्स संचालित होंगी।

प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए अन्य कड़े कदम

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सिर्फ मेट्रो ही नहीं, बल्कि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली-NCR में कई अन्य सख्त इंतजाम किए गए हैं। CAQM के निर्देशों के बाद अब सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग तेज कर दी गई है। साथ ही, धूल को दबाने के लिए सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

प्रशासन ने अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • डीजल जेनरेटर सेट के इस्तेमाल पर कड़ी निगरानी और नियमन।
  • निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी।
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और मौसम विभाग (IMD) के डेटा के आधार पर स्थिति की निरंतर निगरानी।

इन सभी उपायों का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग निजी गाड़ियों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। प्रशासन इन कदमों की लगातार समीक्षा कर रहा है ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।

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