Delhi Metro में AI तकनीक लागू, पैसेंजर्स की सुरक्षा और Efficiency बढ़ी

Kittu Kumari8 August 20262 min read44 viewsDelhi Local
Delhi Metro में AI तकनीक लागू, पैसेंजर्स की सुरक्षा और Efficiency बढ़ी

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ऑपरेशनल सेफ्टी, विश्वसनीयता और Efficiency को बढ़ाने के लिए अपने क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में एडवांस्ड Artificial Intelligence (AI) आधारित सिस्टम तैनात किए हैं। अगस्त 2026 से सक्रिय ये सिस्टम प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और फॉल्ट डिटेक्शन क्षमताओं में सुधार करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिससे विभिन्न कॉरिडोर में देरी को कम किया जा सके और सुचारू मेट्रो संचालन सुनिश्चित हो सके। यह पहल मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट के लिए अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाने की DMRC की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

  • अगस्त 2026 से DMRC द्वारा AI-आधारित सिस्टम सक्रिय।
  • विभिन्न कॉरिडोर में मेट्रो संचालन और सुरक्षा में सुधार।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग।
AI आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंपोनेंट मॉनिटरिंग

AI-आधारित समाधान ओवरहेड तारों, ट्रेन के पहियों, एक्सल बेयरिंग और ट्रैक सर्किट सहित महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपोनेंट्स की निगरानी करते हैं। रेड, येलो और ब्लू लाइनों पर ओवरहेड वायर सिस्टम हेल्थ मॉनिटरिंग समाधान में पैंटोग्राफ कोलिजन डिटेक्शन सिस्टम (PCDS) का उपयोग किया जाता है जो अलाइनमेंट समस्याओं के लिए पैंटोग्राफ और ओवरहेड तारों के बीच संपर्क की लगातार निगरानी करता है। इसके अतिरिक्त, पिंक और मैजेंटा लाइनों पर AI-आधारित वीडियो सर्विलांस तैनात किया गया है जो ट्रेनों से कैप्चर किए गए वीडियो फुटेज का विश्लेषण करता है, जिससे ओवरहेड नेटवर्क में विसंगतियों का पता चलता है और उनका वर्गीकरण होता है।

ऑटोमैटिक सेंसर और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम

रखरखाव को और बेहतर बनाने के लिए पिंक लाइन पर एक ऑटोमैटिक व्हील प्रोफाइल मॉनिटरिंग सिस्टम पेश किया गया है, जो वास्तविक समय में ट्रेन के पहिये की स्थिति का आकलन करने के लिए उच्च-सटीक लेजर सेंसर का उपयोग करता है। बेयरिंग तापमान को ट्रैक करके ट्रेन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पिंक और मैजेंटा लाइनों पर ऑटोमैटिक एक्सल बेयरिंग टेम्परेचर मॉनिटरिंग सिस्टम भी है। ट्रैक सर्किट के लिए, ग्रीन और वॉयलेट लाइनों पर एक AI-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम चालू है। DMRC अधिकारियों का कहना है कि ये तैनाती प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और फॉल्ट डिटेक्शन में प्रयासों को मजबूत करने का हिस्सा हैं, जिसमें सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय मेट्रो अनुभव सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ ट्रेनिंग और एक्सपर्ट सहयोग की योजनाएं शामिल हैं।

AI-PMS प्रोजेक्ट और पैसेंजर असिस्टेंस टूल्स

रखरखाव से परे, DMRC ड्रोन और एडवांस्ड AI का उपयोग करके इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वास्तविक समय की निगरानी के लिए एक AI-संचालित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (AI-PMS) भी विकसित कर रहा है, जिसकी योजना फरवरी 2026 की है। इसके अलावा, DMRC यात्रा की योजना बनाने, वास्तविक समय के अपडेट, टिकट बुकिंग और एक बेहतर शिकायत निवारण प्रणाली के लिए 'Poochho Chetna' चैटबॉट जैसे AI-संचालित पैसेंजर असिस्टेंस टूल्स का उपयोग करता है, जो एक व्यापक AI एकीकरण रणनीति को प्रदर्शित करता है।

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