दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन पर सिग्नलिंग खराबी के बाद सेवाएं बहाल, यात्रियों ने ली राहत
दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर तकनीकी खराबी के कारण रुकी ट्रेनें अब दोबारा चलने लगी हैं। DMRC ने प्रदूषण रोकने के लिए भी उठाए बड़े कदम।

दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। तकनीकी खराबी के कारण बाधित हुई ट्रेन सेवाएं अब पूरी तरह से बहाल कर दी गई हैं। दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन पर सिग्नलिंग में आई समस्या की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन DMRC ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेवाओं को दोबारा शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, यह व्यवधान 22 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 09:35 बजे शुरू हुआ था। इसका असर मुख्य रूप से द्वारका-काकरोला और राजेंद्र प्लेस स्टेशनों के बीच देखा गया, जहां ट्रेनें अपनी रफ्तार खो चुकी थीं और यात्री स्टेशनों पर फंसे हुए थे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया गया है और अब ट्रेनें अपने निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं।
प्रदूषण से निपटने के लिए DMRC की नई तैयारी
एक तरफ जहां मेट्रो अपनी तकनीकी समस्याओं को सुलझा रही है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए DMRC ने बड़े कदम उठाए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा GRAP-I (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू किए जाने के बाद मेट्रो कॉर्पोरेशन ने प्रदूषण कम करने के लिए विशेष पहल शुरू की है।
DMRC ने सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नेटवर्क पर वर्किंग डेज में 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स शुरू की हैं, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो सके। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर धूल को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं:
- प्रोजेक्ट साइट्स पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग और मिस्ट गन तैनात की गई हैं।
- इंजीनियरों द्वारा रोजाना निरीक्षण किया जा रहा है ताकि पर्यावरण नियमों का पालन हो।
- फुटपाथ और डिवाइडर से कचरा हटाने और निर्माण सामग्री को ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मेट्रो का पर्यावरण विभाग इन सभी उपायों की निगरानी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों का सख्ती से पालन हो और शहर की हवा में सुधार आए।