दिल्ली मेट्रो के अर्पण केंद्रों पर एकत्र हुए 41 टन से अधिक पुराने कपड़े, हुई 27,036 रुपये की बिक्री

नई दिल्ली, 13 सितंबर। दिल्ली मेट्रो के दस अर्पण केंद्रों ने 41 टन से अधिक पुराने कपड़े एकत्र किए हैं और इन सामग्रियों से बने उत्पादों की बिक्री के माध्यम से 27,036 रुपये का राजस्व अर्जित किया है। मुख्य सचिव रेखा गुप्ता ने रविवार को बताया कि ये केंद्र पुराने कपड़ों के निपटान के लिए एक व्यावहारिक समाधान प्रदान कर रहे हैं और रीसाइक्लिंग व अपसाइक्लिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 31 अगस्त तक 10 केंद्रों पर कुल 3,940 लोगों ने 41,181.59 किलोग्राम कपड़े जमा किए।
विभिन्न केंद्रों पर कपड़ों का संग्रह
डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल केंद्र ने 9,861.40 किलोग्राम के साथ सबसे अधिक संग्रह दर्ज किया, इसके बाद शालीमार बाग में 9,761.03 किलोग्राम, पंजाबी बाग पश्चिम में 6,534.98 किलोग्राम और शाहदरा में 6,386.08 किलोग्राम कपड़े जमा हुए। अन्य संग्रह आंकड़ों में मयूर विहार-1 में 5,189.40 किलोग्राम, हौज खास में 1,680.70 किलोग्राम, द्वारका-काकराोला में 689.40 किलोग्राम, मालवीय नगर में 467.40 किलोग्राम, लाजपत नगर में 395.70 किलोग्राम और मोहन स्टेट में 215.50 किलोग्राम शामिल है। पांच केंद्र 3 अगस्त को शुरू किए गए थे, जबकि अन्य ने 12 और 17 अगस्त को संचालन शुरू किया था।
सामग्री का उपयोग और बिक्री
एकत्रित कपड़ों को विशिष्ट उपयोग के लिए वर्गीकृत किया गया है। लगभग 4,266 किलोग्राम को पुन: उपयोग और अपसाइक्लिंग के लिए अलग रखा गया, जबकि 29,424 किलोग्राम को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा गया। स्वयं सहायता समूह इन सामग्रियों से मैट, फोल्डर, की-रिंग, पाउच, बैग और तोरण जैसी वस्तुएं बना रहे हैं, जिन्हें केंद्रों पर प्रदर्शित और बेचा जाता है। दस केंद्रों से कुल बिक्री 27,036 रुपये तक पहुंच गई।
भविष्य की योजनाएं
पहल का विस्तार करने के लिए, जनवरी 2027 तक 10 अतिरिक्त केंद्र खोलने का प्रस्ताव है। ये नए स्थान मॉडल टाउन, आईएनए, आईपी एक्सटेंशन, पश्चिम विहार पश्चिम, राजेंद्र प्लेस, जनकपुरी पश्चिम, राजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश, द्वारका सेक्टर-10 और छतरपुर मेट्रो स्टेशनों के लिए योजनाबद्ध हैं। गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की आगे की सफलता और विस्तार के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।