दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों में लगा एंटी-ड्रैग सिस्टम, अब दरवाजे में कुछ फंसने पर खुद रुक जाएगी ट्रेन
दिल्ली मेट्रो ने पुरानी ट्रेनों में एंटी-ड्रैग सिस्टम लगाया है, जिससे दरवाजे में कुछ फंसने पर ट्रेन अपने आप रुक जाएगी।

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अपनी पांच पुरानी ट्रेनों में नया 'एंटी-ड्रैग' (Anti-Drag) सेफ्टी सिस्टम लगाया है। यह तकनीक खास तौर पर उन हादसों को रोकने के लिए है, जिनमें यात्रियों के कपड़े, बैग या कोई अन्य सामान ट्रेन के दरवाजे में फंस जाता है और ट्रेन चलने पर गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
दरअसल, यह कदम दिसंबर 2023 में रेड लाइन के इंद्रलोक स्टेशन पर हुई एक दुखद घटना के बाद उठाया गया है, जहां एक यात्री के कपड़े दरवाजे में फंस गए थे और वह घायल हो गया था। अब इस नई तकनीक की मदद से अगर सेंसर को महसूस होगा कि दरवाजे के बीच कोई वस्तु या कपड़ा फंसा हुआ है, तो सिस्टम तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा देगा और ट्रेन को वहीं रोक देगा। जब तक फंसी हुई चीज बाहर नहीं निकल जाती, ट्रेन आगे नहीं बढ़ेगी।
पुरानी ट्रेनों का हो रहा है कायाकल्प
यह अपग्रेड DMRC के उस मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके तहत 2002 से 2007 के बीच रेड और ब्लू लाइन पर शुरू की गई पुरानी ट्रेनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया है। इन ट्रेनों में अब निम्नलिखित बदलाव देखने को मिलेंगे:
- एडवांस्ड फायर डिटेक्शन: धुएं और गर्मी को पहचानने वाले आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं।
- बेहतर निगरानी: सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को और मजबूत किया गया है।
- चार्जिंग पॉइंट्स: यात्रियों की सुविधा के लिए मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स जोड़े गए हैं।
DMRC अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल यह सिस्टम पांच ट्रेनों में लगाया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे और अधिक ट्रेनों में विस्तार दिया जाएगा। मेट्रो प्रशासन का लक्ष्य है कि तकनीक के जरिए सफर को पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक बनाया जाए।