प्रदूषण का कहर: दिल्ली मेट्रो ने बढ़ाईं 20 अतिरिक्त ट्रिप, GRAP-1 के बाद बड़ा फैसला

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और गिरते वायु स्तर के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 'खराब' स्तर पर पहुँचने और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा GRAP-1 लागू करने के बाद, अब यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो अपनी दैनिक सेवाओं में इजाफा कर रही है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 से कार्यदिवसों (Weekdays) पर 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप शुरू की जाएंगी, ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।
यह फैसला बुधवार को लिया गया जब दिल्ली का AQI 245 के स्तर पर पहुँच गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। मेट्रो प्रशासन का लक्ष्य है कि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो और लोग प्रदूषण कम करने में सहयोग दें।
धूल और प्रदूषण रोकने के लिए DMRC का 'एक्शन प्लान'
सिर्फ ट्रेनें बढ़ाना ही नहीं, बल्कि DMRC अपने नेटवर्क पर पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन भी करा रहा है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मेट्रो प्रशासन ने कई कड़े इंतजाम किए हैं:
- एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल: धूल को दबाने के लिए स्टेशनों, ऑफिसों और निर्माण स्थलों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग और मिस्ट गन तैनात की गई हैं।
- साइट निरीक्षण: इंजीनियर रोजाना निर्माण स्थलों की जांच कर रहे हैं ताकि निर्माण सामग्री ढकी रहे और बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए व्हील-वॉशिंग की सुविधा चालू रहे।
- सफाई अभियान: मेट्रो स्टेशनों के आसपास की सड़कों, फुटपाथों और डिवाइडरों की नियमित सफाई की जा रही है ताकि धूल के कण हवा में न मिलें।
ये सभी कदम दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा द्वारा घोषित 11-सूत्रीय शीतकालीन कार्ययोजना का हिस्सा हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 24 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता खराब रहने की संभावना है। वहीं, प्रदूषण से निपटने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने और ऑफिसों में 50% 'वर्क फ्रॉम होम' लागू करने जैसे कड़े प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।