दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण 15 साल से बक्से में बंद हैं 2 लाख से ज्यादा किताबें

दिल्ली मेट्रो निर्माण कार्य के चलते विस्थापित हुई एक लाइब्रेरी का बड़ा हिस्सा पिछले 15 सालों से स्टोरेज कंटेनर में बंद है। दो लाख से अधिक किताबें पिछले डेढ़ दशक से बक्सों में कैद हैं। किताबों की इस लंबी कैद से राजधानी में बुनियादी ढांचे के विकास के दौरान सांस्कृतिक संपत्तियों के संरक्षण और उनकी पहुंच को लेकर सामने आने वाली लगातार चुनौतियों का पता चलता है। हालांकि यह खास कलेक्शन स्टोरेज में है, लेकिन साहित्यिक अभिलेखागार के लिए जगह की कमी को लेकर व्यापक चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।