कांवड़ यात्रा के लिए दिल्ली-मेरुट एक्सप्रेसवे बंद, 12 अगस्त तक केवल यात्रा वाहनों को अनुमति

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) का उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा 7 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक चल रही कांवड़ यात्रा के कारण आम ट्रैफिक के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर केवल 'डाक कांवड़' यात्रा में शामिल वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई है। कांवड़ यात्रा 2026 आधिकारिक तौर पर 30 जुलाई को शुरू हुई थी और 11 अगस्त को समाप्त होने वाली है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
ट्रैफिक पाबंदियां और रूट डायवर्जन
ट्रैफिक पाबंदियां भारी वाहनों जैसे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए 29 जुलाई को ही शुरू हो गई थीं, जिससे दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे और DME का गाजियाबाद से मेरठ जाने वाला रास्ता प्रभावित हुआ। गाजियाबाद में कार और मिनी-ट्रक जैसे हल्के वाहनों पर भी 5 अगस्त से पाबंदियां लागू हैं, जो 12 अगस्त तक जारी रहेंगी। इसके अलावा गंगा नहर पटरी कांवड़ मार्ग और पाइपलाइन मार्ग पूरी तरह से बंद हैं और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में ऑटो-रिक्शा सेवाएं भी निलंबित हैं।
इमरजेंसी वाहन और वैकल्पिक रास्ते
एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे इमरजेंसी वाहनों को इन पाबंदियों से छूट दी गई है, जो डेडिकेटेड ग्रीन कॉरिडोर के जरिए आ-जा सकेंगे। अधिकारियों ने भीड़भाड़ कम करने के लिए यात्रियों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), नेशनल हाईवे 9 (NH-9) और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। यात्रा के रास्तों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी डायवर्जन पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं और CCTV तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।