दिल्ली एमसीडी ने मंजूर किया 924 करोड़ का रोड स्वीपिंग प्रोजेक्ट, टोल सिस्टम में भी होगा बदलाव
दिल्ली एमसीडी ने धूल कम करने के लिए 924 करोड़ का रोड स्वीपिंग प्रोजेक्ट और नया टोल सिस्टम मंजूर किया है।

राजधानी दिल्ली में धूल और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। एमसीडी की स्थायी समिति ने सत्य शर्मा की अध्यक्षता में 923.57 करोड़ रुपये के मैकेनिकल रोड स्वीपिंग प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों की सफाई को आधुनिक बनाना और हवा में उड़ने वाली धूल को कम करना है।
इस योजना के तहत अगले 10 सालों के लिए 70 आधुनिक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें तैनात की जाएंगी। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए इन मशीनों में इलेक्ट्रिक और सीएनजी (CNG) संचालित यूनिट्स शामिल होंगी, जो नियमित रूप से सड़कों की सफाई सुनिश्चित करेंगी।
टोल प्लाजा पर अब नहीं रुकेंगे वाहन, लागू होगा फ्री-फ्लो सिस्टम
सड़कों की सफाई के साथ-साथ एमसीडी ने शहर के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए टोल कलेक्शन सिस्टम में भी बड़े बदलाव की मंजूरी दी है। अब दिल्ली के 126 एमसीडी टोल पॉइंट्स पर 'मल्टी-लेन फ्री-फ्लो' सिस्टम लागू किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब कमर्शियल वाहनों को रोड टैक्स और एनवायरमेंट कंपनसेशन चार्ज भरने के लिए बैरियर पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।
इस नई व्यवस्था में RFID और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे टैक्स का भुगतान बिना रुके हो सकेगा। यह पूरा प्रोजेक्ट छह साल की अवधि के लिए होगा, जिसमें शुरुआती छह महीने इसे लागू करने के चरण के रूप में रखे गए हैं।
इसके अलावा, नगर निगम ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में खाली पड़े 1066 पदों को तुरंत भरने के निर्देश दिए हैं। समिति ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि स्टाफ की कमी की वजह से शहर में मच्छरों से होने वाली बीमारियों को रोकने के प्रयासों में अक्सर दिक्कतें आती रही हैं।