दिल्ली के जसोला में खुले नाले में गिरने से 15 साल के आठवीं कक्षा के छात्र मिथुन का शव मंगलवार 25 अगस्त 2026 को चार दिन बाद बरामद हुआ। कचरे और कीचड़ के बीच शव मिलने से नागरिक लापरवाही और तलाशी अभियान की प्रभावशीलता को लेकर भारी जन आक्रोश फैल गया है। इस घटना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: मिथुन का शव चार दिन की तलाश के बाद जसोला के खुले नाले से मिला। पीड़ित पिता अवधेश ने अधिकारियों पर शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की और दोषी जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया।
मृतक के मजदूर पिता अवधेश ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा उनकी शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज किए जाने के कारण उनके बेटे को खोजने में देरी हुई। अवधेश ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उस संभावित स्थान की पहचान की थी जहां उनका बच्चा हो सकता था, और दावा किया कि जब अधिकारियों ने आखिरकार उस विशिष्ट क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया, तो लगभग 20 मिनट में शव बरामद हो गया। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उनकी बात पहले सुनी जाती, तो उनका बच्चा आज जीवित हो सकता था।
इस घटना के जवाब में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया और मुख्य सचिव को नाले के अधिकार क्षेत्र की पहचान करने तथा जिम्मेदार अधिकारी को तुरंत निलंबित करने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बाद, नगर निगम (MCD) ने कर्तव्य में लापरवाही के लिए जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को निलंबित कर दिया और आगे की अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने स्पष्ट किया है कि यह नाला एमसीडी के रखरखाव के अधिकार क्षेत्र में आता है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने मिथुन के पीड़ित परिवार के लिए पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। इस तलाशी अभियान में दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बोट क्लब और दिल्ली पुलिस सहित कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया। मिथुन के माता-पिता अवधेश और अनिता देवी ने भविष्य की त्रासदियों को रोकने के लिए दिल्ली सरकार से नाले के चारों ओर एक सुरक्षात्मक दीवार बनाने की औपचारिक अपील की है।