Delhi Master Plan 2047: यमुना फ्लडप्लेन का हुआ पुनर्गठन, NGT की डिमार्केशन अभी बाकी

Kittu Kumari13 August 20262 min read184 viewsDelhi Local
Delhi Master Plan 2047: यमुना फ्लडप्लेन का हुआ पुनर्गठन, NGT की डिमार्केशन अभी बाकी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने 12 अगस्त 2026 को Master Plan for Delhi-2047 (MPD-2047) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत यमुना O-Zone का एक विवादास्पद पुनर्गठन किया गया है। नए प्लान में 9,934-हेक्टेयर के संवेदनशील क्षेत्र को दो अलग-अलग जोन में बांटा गया है।

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  • DDA ने MPD-2047 को 12 अगस्त 2026 को मंजूरी दी।
  • यमुना O-Zone को Zone I और Zone II में बांटा गया।
  • NGT की वैज्ञानिक डिमार्केशन अभी पेंडिंग है।
  • मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को होगी।

Zone I और Zone II में बांटा गया यमुना क्षेत्र

नए प्लान के अनुसार, Zone I में 6,295-हेक्टेयर का नदी तल (riverbed) शामिल है, जहां कंक्रीट निर्माण पर पूरी तरह से रोक है। वहीं, Zone II एक-इन-100-साल का फ्लडप्लेन है, जहां पार्क और 52-किमी साइकिल ट्रैक जैसी रेगुलेटेड मनोरंजक सुविधाएं (recreational facilities) अनुमति प्राप्त होंगी। यह प्रस्ताव पिछले मास्टर प्लान से अलग है, जिसमें पूरे फ्लडप्लेन को एक सिंगल प्रोटेक्टेड यूनिट माना गया था।

NGT की वैज्ञानिक डिमार्केशन और डेडलाइन

यह विकास ऐसे समय में हो रहा है जब National Green Tribunal (NGT) बाहरी फ्लडप्लेन सीमा के अंतिम वैज्ञानिक सीमांकन (scientific demarcation) का इंतजार कर रहा है। DDA को एक-इन-100-साल के बाढ़ स्तर का उपयोग करके इस सीमांकन को पूरा करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन एक्सटेंशन मांगने के बाद वह 31 जुलाई 2026 की समय सीमा से चूक गया। NGT ने Irrigation and Flood Control (IFC) Department और DDA के अधिकारियों को मौजूदा नक्शे की विसंगतियों और प्रक्रिया में देरी को हल करने का निर्देश दिया है। NGT इस मामले की समीक्षा 18 सितंबर 2026 को करेगा।

विशेषज्ञों की चिंताएं और मंत्रालय को भेजा गया ड्राफ्ट

पर्यावरण विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने नई जोनल डिमार्केशन की वैज्ञानिक वैधता पर चिंता जताई है। आलोचकों का तर्क है कि पूरे फ्लडप्लेन को एक समान सुरक्षा मिलनी चाहिए, और उनका जोर यमुना में सीधे सीवेज डिस्चार्ज को रोकने और नदी के पुनर्जीवन पर होना चाहिए, न कि कमर्शियल या मनोरंजक विकास पर। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में इस प्लान को मंजूरी देने वाले DDA ने अंतिम अधिसूचना (final notification) के लिए ड्राफ्ट को Ministry of Housing and Urban Affairs के पास भेज दिया है।

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