Delhi Master Plan 2047: DDA ने अनयूज़्ड कंस्ट्रक्शन क्षमता के लिए TDR प्रावधान पेश किया

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने Master Plan for Delhi (MPD)-2047 के तहत Transferable Development Rights (TDR) का एक नया प्रावधान पेश किया है, जिसे पिछले सप्ताह लगभग 12 अगस्त 2026 के आसपास मंजूरी दी गई थी। इस नए फ्रेमवर्क के जरिए वे प्रॉपर्टी ओनर्स जो अपने प्लॉट पर अपनी पूरी अनुमेय निर्माण क्षमता (permissible construction capacity) का उपयोग करने में असमर्थ हैं, वे अपने अनयूज़्ड राइट्स को डेवलपर्स को बेच सकते हैं। इसके बाद डेवलपर्स इन अधिकारों को वैकल्पिक स्थानों पर लागू कर सकते हैं।
- DDA ने इस मार्केट को मैनेज करने के लिए एक डेडिकेटेड सिंगल-विंडो पोर्टल लॉन्च करने की योजना बनाई है।
- यह पोर्टल शहर भर में इन डेवलपमेंट राइट्स की ट्रांजैक्शन और यूटिलाइजेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- MPD-2047 को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू (Lieutenant Governor Taranjit Singh Sandhu) से मंजूरी मिल चुकी है।
- यह योजना कानूनी रूप से लागू होने से पहले Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA) से अंतिम प्राधिकरण और आधिकारिक अधिसूचना (official notification) का इंतजार कर रही है।
MPD-2047 और नई नीतियां
यह नया प्लान, जो पिछले MPD-2041 की जगह लेता है, केंद्र सरकार के 'Viksit Bharat 2047' विजन के साथ संरेखित (aligned) है। TDR प्रावधानों से आगे बढ़कर, MPD-2047 में आउटर दिल्ली में हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट को सुविधाजनक बनाने, रेजिडेंशियल एरिया के पुनर्विकास (redevelopment) को सरल बनाने और पुराने, दो मंजिला DDA-निर्मित रेजिडेंशियल यूनिट्स के लिए एक समान पुनर्विकास नीति लागू करने की नीतियां शामिल हैं।