Delhi Master Plan 2047 Notified: Disaster Preparedness और Seismic Resilience पर रहेगा खास फोकस

दिल्ली के विकास के लिए तैयार किया गया Delhi Master Plan 2047 आधिकारिक रूप से वीरवार, 20 अगस्त 2026 को नोटिफाई किया जाएगा। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल Khattar इस योजना की विस्तृत जानकारी देंगे, जिसे दिल्ली के Lieutenant Governor Taranjit Singh Sandhu से 13 अगस्त 2026 को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।
- Delhi Master Plan 2047 की घोषणा 20 अगस्त 2026 को होगी।
- योजना का मुख्य केंद्र दिल्ली को disaster-resilient city बनाना है।
- Yamuna floodplain और land pooling नीतियों में संशोधन किए गए हैं।
- शहरी विशेषज्ञों द्वारा पुरानी census data और public participation को लेकर चिंता जताई गई है।
Disaster Preparedness और Structural Safety
दिल्ली के इस नए मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य राजधानी को disaster-resilient शहर में बदलना है, क्योंकि यह क्षेत्र high seismic vulnerability के अंतर्गत आता है। इस प्लान के तहत मौजूदा इमारतों के लिए structural safety audits अनिवार्य किए गए हैं और कमजोर इमारतों की retrofitting जरूरी होगी। आपात स्थिति में जरूरी सेवाओं को जारी रखने के लिए घनी आबादी वाले इलाकों में 'safe zones' विकसित किए जाएंगे, जिसमें hospitals, fire stations और police facilities को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में air ambulance सेवाओं के लिए ऊंची इमारतों और बड़े अस्पतालों की छतों पर helipads बनाने के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
Industrial Safety और Environmental Protections
औद्योगिक सुरक्षा नियमों को और सख्त कर दिया गया है। नए industrial developments कम से कम 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर होने चाहिए और बाहरी सड़कों के किनारे 10 मीटर का green buffer होना अनिवार्य है। आग, गैस रिसाव और बाढ़ के जोखिमों को कम करने के लिए पुख्ता सुरक्षा उपाय करने होंगे। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के पार्कों को 'flood sinks' में बदलने, नियमित drainage cleaning और Yamuna नदी के किनारे नए rainwater harvesting projects का प्रस्ताव है। साथ ही, Yamuna floodplain और land pooling नीतियों में संशोधन करके पर्यावरण सुरक्षा को मजबूत किया गया है। Delhi Development Authority (DDA) बोर्ड की मंजूरी के बाद, O-Zone यानी core floodplain में concrete structures के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
Urban Experts की चिंताएं और समीक्षा
सरकार के इस कदम के बावजूद, शहरी विशेषज्ञों द्वारा इस प्लान पर सवाल उठाए गए हैं। आलोचकों ने पुरानी census data के इस्तेमाल और public participation की कमी पर चिंता जताई है। विरोधियों का तर्क है कि इस नए प्लान को public objection और review के लिए खोला जाना चाहिए था। इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के building quality standards को देखते हुए seismic activity के दौरान high-rise structures को खतरा हो सकता है, जबकि कुछ का मानना है कि Yamuna floodplains में किसी भी तरह की विकास अनुमति देना पर्यावरण के लिए खतरनाक है।