दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को आधिकारिक तौर पर 20 अगस्त 2026 को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है जो 2021 के ढांचे की जगह लेगा दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा जारी इस योजना का उद्देश्य बुनियादी ढांचे, आवासीय विकास, गतिशीलता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इस नई योजना के तहत लगभग 40 लाख किफायती आवास इकाइयों के निर्माण की सुविधा दी जाएगी। इस योजना के जरिए शहर की शहरी आबादी और विकास को सही दिशा देने का प्रयास किया गया है।
पुनर्विकास मानदंडों के तहत समूह आवास के लिए अधिकतम फ्लोर एरिया रेशियो 200 और अधिकृत कॉलोनियों के लिए 1.5 की अनुमति दी गई है बशर्ते वे विशिष्ट आकार और निवासी सहमति मानदंडों को पूरा करती हों
मास्टर प्लान विवरण।
इसके अलावा भूमि पिंग नीति से 200 वर्ग किलोमीटर शहरी स्थान का विकास होने की संभावना है जिससे 12 लाख नए घर बन सकते हैं। कुशल शहरी घनत्व को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो स्टेशनों और पारगमन गलियारों के पास पारगमन-उन्मुख विकास नीति लागू की गई है जिसमें आधार एफएआर 400 और अधिकतम 500 तय किया गया है।
केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने इस योजना को शहर के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया है
प्रेस सूचना ब्यूरो। पूर्व डीडीए योजना आयुक्त अशोक कुमार जैन जैसे विशेषज्ञों का सुझाव है कि योजना को प्रासंगिक रहने के लिए एक जीवित दस्तावेज के रूप में काम करना चाहिए।
सरकार ने विकास के साथ-साथ सर्दियों के प्रदूषण नियंत्रण रोडमैप जैसे पर्यावरणीय उपायों को भी एकीकृत किया है। इसमें 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच धूल पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध और 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक सभी निर्माणों पर पूरी तरह रोक शामिल है।