दिल्ली मास्टर प्लान 2047: मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार, 279 किमी नई लाइनें बिछाने की तैयारी
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत मेट्रो नेटवर्क को 279 किमी और बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे सफर होगा आसान और ट्रैफिक कम होगा।

राजधानी दिल्ली में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047' के तहत परिवहन ढांचे को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करना है, ताकि लोगों को ट्रैफिक की झंझट से मुक्ति मिल सके और यात्रा का समय कम हो।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशन में 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस योजना के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के मौजूदा 416 किलोमीटर के नेटवर्क में 279 किलोमीटर की नई लाइनें जोड़ी जाएंगी। अगर यह प्रस्ताव धरातल पर उतरता है, तो दिल्ली का कुल मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 695 किलोमीटर हो जाएगा, जो शहर के कोने-कोने को बेहतर तरीके से जोड़ेगा।
मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और कनेक्टिविटी पर जोर
इस पूरी योजना को सफल बनाने के लिए कई प्रमुख एजेंसियों ने हिस्सा लिया, जिनमें दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), दिल्ली नगर निगम (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) शामिल थे। योजना में कुछ खास केंद्रों को फोकस पॉइंट बनाया गया है ताकि यात्रियों को एक साधन से दूसरे साधन में बदलने में आसानी हो।
सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट जैसे बड़े हब को 'मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन' के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि यात्री बिना किसी परेशानी के बस, मेट्रो और रीजनल रेल के बीच स्विच कर सकेंगे। इसके अलावा, केवल मेट्रो ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर में 'नमो भारत' नेटवर्क को भी 82 किलोमीटर से बढ़ाकर 383 किलोमीटर करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन का मानना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने, पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने और साइकिलिंग को बढ़ावा देने से लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करेंगे। इससे न केवल सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि दिल्लीवासियों के दैनिक आवागमन का समय भी काफी घट जाएगा।