Delhi Master Plan 2047: हेरिटेज इमारतों को होटल और ऑफिस में बदलने का बड़ा प्रस्ताव

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने Draft Master Plan for Delhi (MPD)-2047 पेश कर दिया है। इस नए ड्राफ्ट में चांदनी चौक, लुटियंस दिल्ली और सिविल लाइंस जैसे इलाकों की हेरिटेज प्रॉपर्टीज को होटल, ऑफिस, संग्रहालय (museums), लाइब्रेरी और कल्चरल स्पेस में बदलने की अनुमति देने वाली पॉलिसी लाई गई है। इस प्रस्ताव के तहत मालिकों को ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हेरिटेज इमारतों के मालिकों को मिलेगा FAR बोनस
प्रस्ताव के अनुसार, ऐतिहासिक संरचनाओं को बचाने वाले मालिकों को Transferable Development Rights (TDR) सर्टिफिकेट के जरिए 50-पॉइंट Floor Area Ratio (FAR) बोनस दिया जाएगा। ये सर्टिफिकेट केवल तभी जारी किए जाएंगे जब कोई अधिकृत एजेंसी यह प्रमाणित कर देगी कि जरूरी मरम्मत और संरचनात्मक सुधार पूरे हो चुके हैं।
नियम तोड़ने पर लगेंगे कड़े जुर्माने
पॉ पॉलिसी में स्पष्ट रूप से यह अनिवार्य किया गया है कि किसी भी एडाप्टिव रीयूज (adaptive reuse) में इमारत के आर्किटेक्चरल और ऐतिहासिक स्वरूप के संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, प्लान में उन मालिकों के लिए कड़े दंड प्रावधान शामिल हैं जो अपनी प्रॉपर्टी का रखरखाव करने में असफल रहते हैं या साइट के हेरिटेज वैल्यू को नुकसान पहुंचाते हैं।
शहरी अर्थव्यवस्था से जोड़ने की योजना
हालांकि पहले की पहल, जैसे 150 साल पुराने टाउन हॉल को हेरिटेज होटल में बदलने के प्रयास को मार्केट की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन यह नया फ्रेमवर्क दिल्ली के वास्तुशिल्प लैंडमार्क के रखरखाव के लिए एक स्थायी मॉडल बनाने का लक्ष्य रखता है। इसके साथ ही इन्हें शहर की बदलती शहरी अर्थव्यवस्था में एकीकृत (integrate) करने का प्रयास किया गया है।