दिवाली की खरीदारी के लिए दिल्ली के बाजारों में सुरक्षा सख्त, ड्रोन और FRS वैन से होगी निगरानी
दिवाली की खरीदारी के लिए दिल्ली के बाजारों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। ड्रोन, FRS वैन और सीसीटीवी से होगी भीड़ और अपराधियों पर नजर।

दिवाली के त्योहार को लेकर दिल्ली के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और साथ ही भीड़ भी। इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली के प्रमुख बाजारों में अब मल्टी-लेयर सुरक्षा प्लान लागू किया गया है, ताकि चोरी, चेन स्नैचिंग और जेबकतरी जैसी वारदातों पर लगाम कसी जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए सदर बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिल्ली पुलिस (उत्तरी जिला) ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) वैन तैनात की हैं। ये वैन मुख्य चौराहों पर संदिग्धों की पहचान करने और निगरानी रखने का काम करेंगी। इसके अलावा, भीड़ की रियल-टाइम निगरानी के लिए बाजारों की गलियों में 'मचान' (ऊंचे वॉच टावर) बनाए गए हैं, जहां तैनात सुरक्षाकर्मी दूरबीन की मदद से नजर रखेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी नजर, पटाखों के लिए तय समय
सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि आसमान से भी बाजारों पर नजर रखी जा रही है। कई शॉपिंग हब में ड्रोन सर्विलांस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि सरोजिनी नगर जैसे इलाकों में 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा संयुक्त फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। वहीं, बाजार संघों ने भी अपनी निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं। भीड़ को संभालने के लिए ई-रिक्शा के मूवमेंट पर पाबंदी लगाई गई है और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लोगों को गाइड किया जा रहा है।
इन सभी इंतजामों की कमान डीसीपी (नॉर्थ) निहारिका भट्ट और एसीपी (सदर बाजार) सोनू कुमार संभाल रहे हैं। वहीं, पटाखों को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक कड़े नियम बनाए गए हैं। ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल 4 से 6 नवंबर 2026 तक होगी। इन क्यूआर-कोडेड पटाखों को चलाने का समय 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही तय किया गया है। व्यापारियों के लिए पटाखों के भंडारण की अधिकतम सीमा 600 किलो रखी गई है।