करवा चौथ और दिवाली की तैयारी: दिल्ली के बाजारों में उमड़ी रौनक, दिख रही क्षेत्रीय झलक

राजधानी दिल्ली के बाजारों में इन दिनों उत्सव का माहौल है। करवा चौथ और दिवाली के करीब आते ही बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। लोग अपनी पसंद की खरीदारी के साथ-साथ पारंपरिक सामानों की तलाश में जुटे हैं। इस बार दिल्ली के बाजारों में केवल स्थानीय सामान ही नहीं, बल्कि राजस्थान, बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय विशिष्टताओं वाली चीजों की भी भारी मांग देखी जा रही है, जो शहर की विविधता को दर्शाती हैं।
करवा चौथ, जो इस बार 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा, उसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। महिलाएं पूजा की थाली, मिट्टी का करबा, छलनी और दीपक जैसे जरूरी सामान जुटाने में लगी हैं। इसके साथ ही 'सोलह श्रृंगार' का क्रेज भी चरम पर है, जहां नए कपड़ों, चूड़ियों, मेहंदी और सिंदूर की दुकानों पर काफी भीड़ देखी जा रही है।
क्षेत्रीय परंपराओं का संगम
दिल्ली के बाजारों में अलग-अलग राज्यों की परंपराएं साफ नजर आ रही हैं। पंजाब की परंपरा के अनुसार, माताओं द्वारा अपनी विवाहित बेटियों को भेजे जाने वाले 'बयना' (नए कपड़े, नारियल, मिठाई, फल और सिंदूर) की खरीदारी की जा रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार की परंपराओं के मुताबिक 'सरगी' और मेहंदी लगाने की रस्मों के लिए खास सामान खरीदे जा रहे हैं। राजस्थान की गहरी आस्था और वहां के पारंपरिक परिधानों की मांग भी बाजारों में काफी ज्यादा है।
8 नवंबर 2026 को मनाई जाने वाली दिवाली के लिए भी दुकानों ने अपनी सजावट शुरू कर दी है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से बाजार संचालन को लेकर किसी नए नियम या गाइडलाइन की घोषणा नहीं की गई है, जिससे व्यापारी और ग्राहक बिना किसी बाधा के अपनी शॉपिंग पूरी कर रहे हैं।