Delhi Manjha Incident: उत्तम नगर में चाइनीज मांझे से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, FIR दर्ज

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में 5 अगस्त 2026 को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक 32 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। विकास नगर के रहने वाले और पेशे से व्यवसायी धीरज कुमार ओझा शाम करीब 7 बजे उत्तम नगर से मुंडका की तरफ नाला रोड, शिव विहार के पास जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। इस घटना में उनकी गर्दन पर पांच सेंटीमीटर लंबा और एक सेंटीमीटर गहरा कट लग गया है, और उनका इलाज वर्तमान में दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में चल रहा है।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR और तेज की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने धीरज कुमार ओझा के बयान के आधार पर लापरवाही और जान जोखिम में डालने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, जिसकी अपडेट्स 10 और 11 अगस्त 2026 को सामने आई हैं। आपको बता दें कि दिल्ली में 10 जनवरी 2017 से एक उपराज्यपाल की अधिसूचना द्वारा चाइनीज मांझे या कांच लेपित धागों के उपयोग और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है, जिसे जुलाई 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा और मजबूत किया गया था। इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर पांच साल तक की जेल और ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और 5 अगस्त 2026 को अलग-अलग अभियानों में 384 रोल प्रतिबंधित मांझा जब्त किया तथा तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के बयान और इस साल के आंकड़े
अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास मांझे से होने वाली चोटों में मौसमी बढ़ोतरी होती है, और इस साल अकेले दिल्ली में चाइनीज मांझे से दो मौतें और 10 लोग घायल हो चुके हैं। तमाम सख्ती के बावजूद खतरनाक डोर से पतंग उड़ाने वालों को पकड़ना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। द्वारका के DCP कुशल पाल सिंह ने जीवन को खतरे में डालने और गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज होने की पुष्टि की है, जबकि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP रोहित राजबीर सिंह ने प्रतिबंधित सामग्री का व्यापार करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया है। पर्यावरणविद और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया लगातार जमीन पर कड़ी कार्रवाई, जन जागरूकता और सभी हानिकारक तेज धार वाले धागों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।