दिल्ली की हवा में आया बड़ा सुधार, 2015 के बाद अक्टूबर में सबसे कम रहा AQI
भारी बारिश और दिवाली की तारीख के कारण दिल्ली की हवा में सुधार हुआ है। जानें कैसे 2015 के बाद अक्टूबर में सबसे कम AQI दर्ज किया गया।

राजधानी दिल्ली के लिए एक राहत भरी खबर आई है। साल 2026 के अक्टूबर महीने में दिल्ली ने अपने अब तक के सबसे कम औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को दर्ज किया है। इस बार अक्टूबर का मासिक औसत AQI 168 रहा, जो 2015 के बाद से अब तक का सबसे निचला स्तर है। अगर पिछले सालों पर नजर डालें, तो 2025 में यह 223, 2024 में 234 और 2023 में 219 था, जिससे पता चलता है कि इस बार हवा की गुणवत्ता में काफी बड़ा सुधार हुआ है।
हवा में इस सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी वजह अक्टूबर के अंत में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश रही। 30 अक्टूबर की सुबह तक सफदरजंग वेधशाला ने 61.4 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले चार वर्षों में अक्टूबर महीने की एक दिन की सबसे अधिक बारिश है। इस भारी बारिश ने हवा में मौजूद प्रदूषकों और पराली जलने से आने वाले धुएं को साफ करने में मदद की। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, गुरुवार को जो AQI 222 के 'खराब' स्तर पर था, वह शुक्रवार सुबह तक गिरकर महज 90 के 'संतोषजनक' स्तर पर आ गया।
बारिश और दिवाली की तारीख ने बदली दिल्ली की तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बारिश ही नहीं, बल्कि दिवाली की तारीख ने भी इस बार आंकड़ों को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई है। 2026 में दिवाली 8 नवंबर को है, जबकि पिछले सालों में यह त्योहार अक्टूबर के अंत में था, जिससे पटाखों के कारण प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ जाता था। इस साल अक्टूबर के पूरे महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 300 के पार गया हो, जबकि 2024 में ऐसे 12 दिन थे।
दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस सुधार का श्रेय अनुकूल मौसम और सरकार द्वारा उठाए गए प्रदूषण विरोधी कदमों को दिया है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अनुमिता रॉयचौधुरी ने भी माना कि मौसम की इन स्थितियों ने प्रदूषण के स्तर को कम करने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिकेगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के वैज्ञानिक गुफरान बेग ने चेतावनी दी है कि अक्टूबर के अंत तक हवा की गुणवत्ता फिर से गिर सकती है। विशेष रूप से दिवाली के बाद वाले हफ्ते में दिल्ली के सामने प्रदूषण की बड़ी चुनौती होगी। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, 31 अक्टूबर तक तो स्थिति मध्यम रहेगी, लेकिन 1 नवंबर से हवा फिर से 'खराब' श्रेणी में जा सकती है।