दिल्ली में नवंबर की शुरुआत में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, बिगड़ी हवा और लागू हुए कड़े नियम
दिल्ली में नवंबर की शुरुआत में रिकॉर्ड तोड़ ठंड और खराब वायु गुणवत्ता देखी गई। प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।

राजधानी दिल्ली में इस बार नवंबर की शुरुआत काफी सर्द रही है। 1 नवंबर 2026 को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 2023 के बाद इस तारीख का सबसे कम तापमान है। ठंड की दस्तक के साथ ही शहर की हवा भी जहरीली होने लगी है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।
शहर में ठंड का अहसास तब शुरू हुआ जब 31 अक्टूबर को हालिया बारिश के बाद सीजन की पहली धुंध वाली सुबह देखी गई, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी। इसके तुरंत बाद 1 नवंबर को वायु गुणवत्ता (AQI) तेजी से गिरी और 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई। हालात इतने गंभीर थे कि जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी के करीब पहुंच गया।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार के सख्त कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने 1 नवंबर 2026 से एंटी-पोल्यूशन उपायों का एक पूरा सेट लागू कर दिया है। इन नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV और उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर 31 जनवरी 2027 तक रोक लगा दी गई है।
- कंस्ट्रक्शन पर रोक: शहर में अधिकांश बाहरी निर्माण और तोड़-फोड़ (C&D) गतिविधियों को 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी: अधिक ट्रैफिक को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर फीस दोगुनी कर दी गई है, जो 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
- वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और निजी दफ्तरों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाएं, ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो।
इन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रशासन एआई-इनेबल्ड सर्विलांस और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का सहारा ले रहा है। हालांकि, इन पाबंदियों और चेकिंग के कारण शहर की सीमाओं पर ट्रैफिक जाम की खबरें भी सामने आ रही हैं।