दिल्ली लोक अदालत में 1.76 लाख केस निपटाए, लोगों को मिली 600 करोड़ की राहत
दिल्ली लोक अदालत ने 1.76 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा कर करीब 600 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है। जानें पूरी डिटेल।

दिल्ली में न्याय की राह आसान हुई है। हाल ही में आयोजित तीसरी नेशनल लोक अदालत में एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ 1,76,379 मामलों का आपसी समझौते के जरिए निपटारा किया गया। इस पूरी प्रक्रिया से करीब 599.71 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई है। दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के मुताबिक, इन मामलों का बड़ा हिस्सा राजधानी की जिला अदालतों में सुलझाया गया।
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को कानूनी उलझनों से बाहर निकालना और विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान करना था। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के ढांचे के तहत आयोजित इस अदालत में सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह के उन मामलों को देखा गया, जिन्हें आपसी सहमति से खत्म किया जा सकता था।
ट्रैफिक चालान रहे सबसे ज्यादा
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सबसे ज्यादा संख्या ट्रैफिक चालानों की रही। कुल निपटाए गए मामलों में से अकेले 1.38 लाख ट्रैफिक चालान केस सेटल किए गए। इस सफलता को देखते हुए प्रशासन ने आगे की रणनीति भी तैयार की।
ट्रैफिक चालानों के भारी बोझ को कम करने के लिए 25 अक्टूबर 2026 को एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका मकसद उन करीब 2 लाख लंबित चालानों और नोटिसों को निपटाना था, जो 30 जून 2026 तक पेंडिंग थे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के इस साझा प्रयास के लिए तीस हजारी, पटियाला हाउस और रोहिणी समेत सात प्रमुख कोर्ट कॉम्प्लेक्स को चुना गया।
इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए वाहन मालिकों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल से टोकन लेना अनिवार्य किया गया था, ताकि पात्रता की जांच कर कोर्ट के माध्यम से सेटलमेंट किया जा सके।