दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए 70 बेड का नया बैकअप वार्ड तैयार

दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल ने राष्ट्रीय राजधानी में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अपनी चिकित्सा बुनियादी ढांचे का काफी विस्तार किया है। 25 अगस्त 2026 तक, अस्पताल ने स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए सात बिस्तरों का एक अलग वार्ड स्थापित किया है, जिसमें पांच उच्च-निर्भरता वाले बिस्तर और वेंटिलेटर से लैस दो बिस्तर शामिल हैं (Source)। संभावित वृद्धि को प्रबंधित करने के लिए, अस्पताल ने अपनी सातवीं मंजिल पर 70 बिस्तरों की बैकअप सुविधा तैयार की है, जिसमें 10 आईसीयू बेड और 60 हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) बेड शामिल हैं।
अस्पताल की तैयारी और स्थिति
एलएनजेपी अस्पताल में दुर्घटना और आपातकालीन विभाग के प्रमुख डॉ. सत्यजीत कुमार ने पुष्टि की है कि यह सुविधा अपनी व्यवस्था को मजबूत कर रही है और चेतावनी के लक्षण दिखाने वाले रोगियों के लिए नैदानिक प्रोटोकॉल का पालन कर रही है। मंगलवार, 25 अगस्त 2026 तक, दिल्ली में एच1एन1 के 2,308 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि कुल मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामले बढ़कर 3,000 हो गए हैं (Source)। राष्ट्रीय स्तर पर, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक राजीव बहल ने कहा कि भारत में परीक्षण किए गए इन्फ्लूएंजा ए मामलों में से लगभग 98% एच1एन1 स्ट्रेन के हैं।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान और सलाह
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने 25 अगस्त 2026 को कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और शहर के अस्पताल पर्याप्त बिस्तरों, दवाओं और चिकित्सा कर्मियों से सुसज्जित हैं (Source)। दिल्ली सरकार ने एक औपचारिक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है जिसमें जनता को श्वसन स्वच्छता का अभ्यास करने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, आवश्यक होने पर मास्क का उपयोग करने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (आईएचआईपी) के माध्यम से वायरल प्रकोपों की वास्तविक समय में निगरानी के लिए आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा निगरानी प्रयासों का समर्थन किया जा रहा है।