दिल्ली शराब बुकिंग ऐप बंद होने की चर्चा, AAP और BJP के बीच छिड़ी राजनीतिक जंग
दिल्ली शराब बुकिंग ऐप के बंद होने की खबरों के बीच AAP और BJP आमने-सामने हैं। जानें क्या है पूरा विवाद और ऐप की मौजूदा स्थिति।

दिल्ली में शराब की खरीदारी को आसान बनाने के लिए लॉन्च किया गया दिल्ली शराब बुकिंग ऐप अब विवादों के घेरे में है। कम इस्तेमाल और इसे बंद किए जाने की खबरों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। यह ऐप दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसका मकसद शराब दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना और कीमतों में पारदर्शिता लाना था।
इस ऐप की कार्यप्रणाली ऐसी थी कि ग्राहक डिजिटल भुगतान के बाद 48 घंटों के भीतर 208 निर्धारित DSIIDC आउटलेट्स से अपना ऑर्डर खुद कलेक्ट कर सकते थे। इसमें होम डिलीवरी की सुविधा नहीं थी। नियमों के मुताबिक, केवल 25 वर्ष से अधिक आयु के लोग ही इसका उपयोग कर सकते थे और खरीदारी की एक सीमा तय की गई थी, जिसमें अधिकतम 9 लीटर व्हिस्की और 18 लीटर बीयर खरीदी जा सकती थी।
राजनीतिक विवाद और ऐप की हकीकत
इस ऐप को लेकर अब सियासी घमासान मच गया है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस ऐप को 24 घंटे के भीतर वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार इसे लागू करने के लिए जिम्मेदार है। दूसरी तरफ, भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जनवरी 2025 में अतिशी के नेतृत्व वाली पिछली AAP सरकार के दौरान हुई थी और भाजपा ने इसे बढ़ावा नहीं दिया।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस प्लेटफॉर्म को लेकर लोगों का उत्साह काफी कम रहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केवल 3,629 ट्रांजेक्शन हुए, जिनसे करीब 13 लाख रुपये की कमाई हुई। हालांकि, 1 अप्रैल 2026 से 29 अक्टूबर 2026 के बीच ट्रांजेक्शन बढ़कर 10,730 हुए, जिससे कुल 29.90 लाख रुपये का कारोबार हुआ।
खबरें हैं कि 29 अक्टूबर 2026 तक इस ऐप को बंद कर दिया गया है। इसी बीच सरकार 2026 के लिए एक नई एक्साइज पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है, जिसका उद्देश्य रिटेल मार्जिन में बदलाव करना और राजस्व को बढ़ाना है।