दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनेगी 'पिंक फोर्स', उपराज्यपाल ने दिए निर्देश

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को एक विशेष 'पिंक फोर्स' यूनिट गठित करने का निर्देश दिया है। यह घोषणा 22 सितंबर 2026 को पुलिस मुख्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई। इस यूनिट में प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी शामिल होंगी। इस फोर्स को स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा ताकि पुलिस की मौजूदगी बढ़े और छेड़छाड़ के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस मॉडल की प्रेरणा गोवा पुलिस की सफल 'पिंक फोर्स' से ली गई है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की उपस्थिति में हुई इस बैठक में उपराज्यपाल संधू ने जोर दिया कि महिलाओं को हर सड़क पर हर समय सुरक्षित महसूस होना चाहिए। उन्होंने सड़क पर छेड़छाड़ से निपटने के लिए 'ऑपरेशन शिष्टाचार' को जारी रखने का आदेश दिया और सभी सार्वजनिक शिकायतों के लिए एक डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू करने को कहा। सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए, उपराज्यपाल ने भीड़भाड़ वाले बाजारों और ट्रांजिट हब में पैदल और बाइक से गश्त बढ़ाने का आदेश दिया है।
तत्कालिक गश्त ड्यूटी के अलावा, उपराज्यपाल ने प्रत्येक पुलिस जिले के नोडल अधिकारियों को स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा पर तिमाही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, पुलिस स्टेशनों को स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ मिलकर बच्चों के लिए नियमित खेल गतिविधियां आयोजित करने को कहा गया है। अपराध रोकथाम को लेकर प्रशासन ने नशीली दवाओं की तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ अभियानों को प्राथमिकता दी है। उपराज्यपाल संधू ने पुलिस बल के भीतर भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को भी दोहराया।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि 'पिंक फोर्स' की प्रभावशीलता जमीनी स्तर की पुलिसिंग और अपराधियों पर निरंतर निगरानी पर निर्भर करेगी।