छठ पूजा की तैयारी: LG तरणजीत सिंह संधू ने डीडीए को दिए मुफ्त घाट उपलब्ध कराने के निर्देश
दिल्ली LG तरणजीत सिंह संधू ने छठ पूजा के लिए डीडीए को मुफ्त घाट और बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए हैं।

राजधानी दिल्ली में छठ पूजा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उपराज्यपाल (LG) सरदार तरणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें छठ पूजा डीडीए तैयारी की बारीकी से समीक्षा की गई। एलजी ने स्पष्ट किया कि आस्था के इस महापर्व पर किसी भी श्रद्धालु को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान एलजी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिया कि यमुना के मैदानी इलाकों और डीडीए के पार्कों में घाटों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली जगह और तालाब श्रद्धालुओं को पूरी तरह मुफ्त दिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी निर्धारित स्थलों की गहन सफाई की जाए और वहां पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शाम और सुबह के अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं को अंधेरे या गंदगी का सामना न करना पड़े।
पारदर्शिता और समन्वय पर जोर
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि घाटों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आवंटन के समय स्थानीय जरूरतों और विशेष रूप से बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाले समुदायों की मांगों का ख्याल रखा जाए। साथ ही, बेहतर बुनियादी ढांचे के लिए डीडीए को दिल्ली जल बोर्ड और नगर निगम (MCD) के साथ मिलकर तालमेल बिठाने को कहा गया है।
इस साल दिल्ली में छठ पूजा का उत्साह पिछले साल से भी अधिक नजर आ रहा है। जहां पिछले वर्ष 1,326 घाट बनाए गए थे, वहीं इस बार 1,400 से अधिक अस्थायी घाट तैयार करने की योजना है। यह महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा। गौरतलब है कि 16 नवंबर को सुबह के 'उषा अर्घ्य' के लिए दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही निर्देश दिए थे कि बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी कर ली जाएं। इसके अलावा, एलजी ने यह भी सख्त आदेश दिया है कि त्योहार समाप्त होने के तुरंत बाद सभी स्थलों की सफाई कराई जाए और उन्हें वापस उनकी मूल स्थिति में लाया जाए।