दिल्ली LG तरणजीत सिंह संधू ने PPP प्रोजेक्ट्स के लिए मांगा नया रणनीतिक ढांचा

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शहर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रोजेक्ट्स को लेकर अपनी गंभीर राय रखी है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया में बदलाव लाया जाए। LG संधू का मानना है कि किसी भी PPP प्रोजेक्ट को केवल उसकी लागत के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पूरे जीवनचक्र, लंबे समय की वित्तीय स्थिरता और जनता को मिलने वाले वास्तविक लाभ के आधार पर परखा जाना चाहिए।
निजी क्षमता और सार्वजनिक उद्देश्य का मेल जरूरी
प्रशासनिक आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुए उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि PPP मॉडल को केवल फंड जुटाने का एक वैकल्पिक जरिया नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन साझेदारियों का असली मकसद निजी क्षेत्र की कार्यक्षमता और सरकारी उद्देश्यों का सही तालमेल बिठाना होना चाहिए।
LG ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी प्रोजेक्ट की सफलता के लिए निम्नलिखित बिंदु अनिवार्य हैं:
- बेहतर तैयारी और ठोस योजना।
- विभिन्न सरकारी विभागों के बीच मजबूत समन्वय।
- जवाबदेही तय करने के लिए स्पष्ट और मापने योग्य मानक।
उन्होंने आगे कहा कि जब सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के बीच जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से परिभाषित होंगी, तभी ये प्रोजेक्ट्स सफल हो पाएंगे। गौरतलब है कि 5 मार्च 2026 को कार्यभार संभालने के बाद से तरणजीत सिंह संधू प्रशासनिक निगरानी और संस्थागत दक्षता को प्राथमिकता दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राजधानी के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की है।