Delhi LG का बड़ा प्रशासनिक फैसला, लंबे समय से जमे अधिकारियों के तबादले और संवेदनशील विभागों की लिस्ट बदलने के आदेश

दिल्ली के Lieutenant Governor (LG) Taranjit Singh Sandhu ने दिल्ली सरकार को एक ही पद पर लंबे समय से काम कर रहे अधिकारियों के लिए Systematic Rotation Policy लागू करने का निर्देश दिया है। 9 और 10 अगस्त 2026 की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह निर्देश विजीलेंस सिस्टम और प्रथाओं की एक दशक लंबी समीक्षा के बाद जारी किया गया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना और महत्वपूर्ण भूमिकाओं में लंबे समय तक तैनाती की गुंजाइश को कम करना है। इस नए आदेश के तहत संवेदनशील विभागों की लिस्ट को भी फिर से तैयार किया जा रहा है।
अधिकारियों के ट्रांसफर और विभागों की नई लिस्ट
नए निर्देशों के तहत दिल्ली सरकार को अधिकारियों के सिस्टमेटिक ट्रांसफर के लिए एक स्पष्ट नीति तैयार करनी होगी, जो लंबी अवधि की तैनाती के मौजूदा सर्कुलर को बेहतर बनाएगी। समीक्षा में पाया गया कि संवेदनशील विभागों की मौजूदा लिस्ट अधूरी थी, जिसमें कम महत्वपूर्ण विभागों को शामिल किया गया था जबकि अधिक financial allocations वाले कुछ विभागों को छोड़ दिया गया था। सभी संवेदनशील विभागों में तुरंत Chief Vigilance Officers (CVOs) तैनात किए जाएंगे ताकि पारदर्शिता और वित्तीय ईमानदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, CVOs के लिए कॉन्ट्रैक्ट और टेंडर प्रक्रियाओं में Chief Vigilance Commission (CVC) के दिशानिर्देशों का पालन कराने के लिए मानक संचालन दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। विजीलेंस विभाग को भी विभागीय CVOs के साथ नियमित बैठकें करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल और पहले की गई कार्रवाई
ये निर्देश Chief Minister Rekha Gupta द्वारा हाल ही में सिस्टमेटिक रोटेशन की वकालत के अनुरूप हैं, खासकर उन अधिकारियों के लिए जो लंबे समय से एक ही असाइनमेंट पर हैं। पिछले महीने सूत्रों ने संकेत दिया था कि दिल्ली सरकार एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल की योजना बना रही है, जिससे 60-70% कैडर और एक्स-कैडर अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं जो पांच साल से अधिक समय से "comfort zones" में हैं। LG का यह हालिया कदम कई प्रशासनिक बदलावों को आगे बढ़ाता है, जिसमें 16 IAS और DANICS अधिकारियों का फेरबदल, GST विभाग में 162 कर्मियों का ट्रांसफर, Finance and Accounts department में 52 अधिकारियों का ट्रांसफर और तिहाड़ व मंडोली जेलों में 39 डॉक्टरों का प्रस्तावित ट्रांसफर शामिल है।