दिल्ली LG तरणजीत सिंह संधू ने एम्स डॉक्टरों के साथ सुरक्षा और स्वास्थ्य चुनौतियों पर की चर्चा

दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरणजीत सिंह संधू ने एम्स (AIIMS) कैंपस के एक कैफे में मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ एक अनौपचारिक मुलाकात की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की मौजूदा कठिनाइयों को समझना और भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य के लिए डॉक्टरों की उम्मीदों पर चर्चा करना था। दिल्ली एलजी एम्स मुलाकात के दौरान डॉक्टरों ने अपनी पेशेवर जिंदगी में आने वाली चुनौतियों को खुलकर साझा किया।
चर्चा का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा और उनके सामने आने वाले खतरों पर केंद्रित रहा। विशेष रूप से चिकित्सा क्षेत्र में काम करने वाली महिला डॉक्टरों की सुरक्षा और उनकी संवेदनशीलता को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं। डॉक्टरों ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उन्हें किस तरह की असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
सुरक्षित माहौल और 'विकसित भारत' का संकल्प
मुलाकात के बाद LG संधू ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्रों के अनुभवों को ध्यान से सुना है और व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने संकल्प जताया कि सभी मेडिकल स्टाफ के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी विशेषज्ञता और सहानुभूति के साथ 'विकसित दिल्ली' और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में योगदान दें।
गौरतलब है कि यह मुलाकात एक व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। इससे पहले बुधवार को उपराज्यपाल ने शहर के छात्रों की सुरक्षा पर एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। उस बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति, महिला कॉलेजों की प्रिंसिपल, दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त, संयुक्त और उपायुक्त आयुक्त, परिवहन सचिव, एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर-इन-चीफ जैसे बड़े अधिकारी शामिल थे। इन तमाम कोशिशों से साफ है कि प्रशासन अब राजधानी के शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने की दिशा में काम कर रहा है।